भारत सहित दुनिया भर से कोरोना वायरस के प्रसार की खबरें आ रही हैं, ऐसे में केरल स्टार्टअप मिशन ने इससे लडऩे और जागरूकता बढ़ाने के लिए रोबोट्स को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।


कोरोना वायरस के प्रसार के खिलाफ केरल स्टार्टअप मिशन की ओर से दो रोबोटों का इस्तेमाल करते हुए एक अलग किस्म की लड़ाई छेड़ी गई है। केएसयूएम के एक स्टार्टअप में असिमोव रोबोटिक्स की ओर से विकसित कंप्यूटर-प्रोग्राम्ड मशीनों की जोड़ी में से एक सीओवीआइडी-19 की जांच के लिए मास्क, सैनिटाइटर और नैपकिन वितरित करती है, जबकि दूसरी, रोग को रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) अभियान के बारे में विस्तार से बताती हैं।


असिमोव के सीइओ जयकृष्णन टी के अनुसार कोरोना वायरस के खिलाफ निवारक उपायों के प्रति एक सामान्य सार्वजनिक उदासीनता ने समाधान प्रदाता कंपनी को इस तरह के अभियान के लिए प्रेरित किया है। अभियान में रोबोट के उपयोग ने सार्वजनिक तौर पर लोगों का ध्यान खींचा है, साथ ही मानव संपर्क के प्रसार वाली कोरोना वायरस की प्रवृत्ति का भी ध्यान रखा गया है।


केएसयूएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी साजी गोपीनाथ ने कहा कि संस्था हवाई अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे रोबोट स्थापित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि केएसयूएम में शुरू किए जा रहे सभी स्टार्टअपों को कोरोना वायरस के संदर्भ में स्वास्थ्य दिशानिर्देश दिए जा रहे हैं।


2006 में स्थापित केएसयूएम, जिसे पहले टेक्नोपार्क टीबीआइ के रूप में जाना जाना था, राज्य में उद्यमिता विकास और ऊष्मायन गतिविधियों के लिए केरल सरकार की एक नोडल एजेंसी है। यह पहली बार है, जब देश में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और इस संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए रोबोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि लोग इस बीमारी की पकड़ में आने से बच सके।