अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ दोस्ती के नए आयाम गढ़ रहे हैं। अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने के भारत के फैसले का समर्थन करने के बाद एक बार फिर एक राज्य को लेकर भारत का साथ दिया है। अमेरिका ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन को आईना दिखाते हुए बड़ा बयान दिया है। अरुणाचल प्रदेश मामले पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए संप्रभूता का जोरदार समर्थन किया है। इसी के साथ चीन को सच का आईना दिखाया है। भारत के अभिन्न अंग अरुणाचल प्रदेश पर चीन अपना दावा जताने की नापाक कोशिश करता रहता है।

आपको बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से यह बयान तब आया है जब भारत में उसके राजदूत केन जस्टर अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर आए थे। जस्टर अरुणाचल प्रदेश के तवांग फेस्टिवल में ना सिर्फ बतौर प्रमुख अतिथि शामिल हुए बल्कि उन्होंने अमेरिकी सरकार की तरफ से अरुणाचल प्रदेश के विकास में योगदान देने की घोषणा भी की है। चीन अरूणाचल प्रदेश के तवांग को लेकर हमेशा से सबसे ज्यादा संवेदनशील रहा है। वह भारत के आला अधिकारियों के वहां जाने को लेकर भी पहले आपत्ति जताता रहा है।

चीन भारत के अभिन्न हिस्से तवांग पर अपना आधिकारिक तौर पर दावा करता रहा है। इतना ही नहीं बल्कि दो वर्ष पहले तवांग का चीनी भाषा में नाम भी अलग रख चुका है। ऐसे में इस समय अमेरिकी राजदूत केन जेस्टर का अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर आने के कई मायने हैं। जेस्टर ने ट्विटर ने अपने ट्विटर हैंडल से तवांग फेस्टिवल में मनाये गये उत्सव को लेकर कई फोटो ट्विट किये हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से केन जेस्टर के फोटो व सूचना को रिट्वीट किया और इस पर लिखा कि है कि अमेरिकी राजदूत की तवांग यात्रा इस बात को रेखांकित करता है अमेरिका भारत की अखंडता का पूरी तरह से सहयोग करता है और स्थानीय साझेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है। अमेरिका अरुणाचल में स्वास्थ्य और समाजिक विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग कर रहा है।