यह माना जाता है कि अभी तक ईश्वर को किसी ने भी नहीं देखा है। लेकिन ईश्वर (god) कैसे दिखते हैं अब इस रहस्य से पर्दा उठ चुका है। अमेरिका के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ही शोध किया है जिनमें वैज्ञानिकों और मनोवैज्ञानिकों ने 511 अमरीकी ईसाईयों की मदद से यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थ कैलिफोर्निया के चेपल हिल पर ये चित्र (god photo) बनाया है।

इन सभी चयनित चेहरों को संयोजित करके शोधकर्ताओं ने एक समग्र 'ईश्वर का चेहरा' (god face) इकट्ठा किया जो दर्शाता था कि प्रत्येक व्यक्ति ने भगवान को कैसे प्रकट किया। उनके परिणाम आश्चर्यजनक थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि कई ईसाईयों ने भगवान को छोटी, अधिक स्त्री और कम कोकेशियान के रूप में देखा।

वैज्ञानिकों की इस शोध में भाग लेने वालों ने आंशिक रूप से अपने राजनीतिक विचारधारा पर भरोसा किया। लिबरल ने ईश्वर को अधिक स्त्री, छोटे और अधिक प्यार भरे रूप में देखा।
कंज़रवेटिव ने भगवान (god) को कोकेशियान और उदारवादियों से अधिक शक्तिशाली दिखाया।  लोगों की धारणाएं भी अपनी जनसांख्यिकीय विशेषताओं से संबंधित हैं। छोटे कद काठी के लोग एक छोटे से दिखने वाले भगवान में विश्वास करते थे।

इसके अलाव जो लोग शारीरिक रूप से आकर्षक हैं वो अधिक शारीरिक रूप से आकर्षक भगवान में विश्वास करते हैं। अफ्रीकी अमेरिकियों (americans) ने एक ऐसे भगवान में विश्वास किया जो काकेशियन लोगों की तुलना में अधिक अफ्रीकी अमेरिकी दिखता हो। ये पूरी रिसर्च पत्रिका पीएलओएस वन में प्रकाशित कि गयी।