US ने भारत से पक्की दोस्ती निभा दी है जिसके तहत Corona Vaccine का कच्चा माल भेजा है और इस माल से 2 करोड़ डोज बन सकती है। अमेरिका ने कहा कि उसने इस हफ्ते में इतना कच्चा माल भेज दिया है, जिससे भारत में 2 करोड़ डोज कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन हो सकता है।

अमेरिका की मेडिकल एड की छठी खपत के रूप में यह कच्चा माल पहुंचा है। अमेरिका के बाइडेन प्रशासन ने बुधवार को बताया है कि उसने इस हफ्ते जो कच्चा माल भेजा है, उससे भारत में कोविशील्ड के दो करोड़ डोज तैयार हो सकते हैं।

इसके अलावा अमेरिकी सरकार ने रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्शन के 81 हजार से ज्यादा वायल की एक खेप भी भेजी है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक रूप ले चुकी है। इसलिए तमाम देश सहायता के लिए आगे आए हैं। यूरोपीय संघ ने 22 लाख यूरो करीब 19 करोड़ रुपये की इमरजेंसी फंडिंग देने का ऐलान किया है।

27 देशों के यूरोपीय संघ ने कहा है कि यूरोपीय आयोग द्वारा ऐलान की गई फंडिंग यूरोपीय संघ के देशों द्वारा अलग-अलग दी जा रही सहायता से अलग है। यूरोपीय संघ ने कहा, 'यूरोपीय आयोग ने ऐलान किया है कि वह भारत में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़त से निपटने में सहयोग के लिए 2.2 मिलियन यूरो का शुरुआती फंड देगा।'

भारत में अमेरिका से सहायता की यह छठी खेप है। छह दिन में अमेरिका ने भारत को इमरजेंसी राहत की छठी फ्लाइट भेजी है। गौरतलब है कि कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा पुणे में किया जाता है। इसका कच्चा माल काफी हद तक अमेरिका से आता है। इसके सीईओ अदार पूनावाला ने अमेरिकी प्रशासन से अनुरोध किया था कि इसके कच्चे माल के निर्यात पर लगी रोक को हटा दें क्योंकि भारत में इसका उत्पादन बढ़ाना बहुत जरूरी है।