फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। पिछले कई दिनों से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थी कि ईरानी नौसेना इस इलाके में गश्त कर रही अमेरिकी पेट्रोल बोट्स को परेशान कर रही हैं। अमेरिकी सेना ने खुद बताया था कि ईरानी नौसेना के बड़े-बड़े युद्धपोत अमेरिका के छोटे पेट्रोल बोट्स के बिलकुल पास आकर खतरे को बढ़ा रहे हैं। अब अमेरिकी सेना ने मंगलवार को बताया कि हाल में ही ईरान का एक जहाज उनकी नौसेना के एक पेट्रोल बोट के काफी नजदीक आ गया था, जिसे भगाने के लिए वॉर्निंग शॉट फायर करना पड़ा।

पिछले पांच साल में ऐसा बहुत ही कम हुआ है जब अमेरिकी नौसेना के जहाज के बिलकुल पास ईरानी नौसेना का कोई शिप आया हो। इन दिनों वियना में ईरान के साथ परमाणु समझौते में अमेरिका के लौटने को लेकर बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि ईरान इस बैठक में दबाव बनाने के लिए ऐसी हरकतें कर रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि समुद्र में ऐसी हरकतें ईरानी सेना के स्थानीय कमांडर के निर्देश पर की जाती हैं, इसके लिए उन्हें ऊपर से कोई आदेश नहीं होता है।

अमेरिकी सेना ने बताया कि गश्त के दौरान पेट्रोल बोट पर मौजूद सैनिकों ने ईरानी जहाज को पुल-टू-ब्रिज रेडियो और लाउड-हेलर उपकरणों के माध्यम से कई चेतावनी दी। इसके बाद भी ईरानी जहाज ने पास आना और खतरनाक तरीके से कट मारना जारी रखा। जिसके बाद सख्त चेतावनी देने के लिए अमेरिकी पेट्रोल बोट को आखिरी चेतावनी देने के लिए हवा में फायरिंग की। जिसके बाद ईरान जहाज, अमेरिकी पोत से सुरक्षित दूरी पर चले गए।

इस घटना के दौरान अमेरिकी जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में थे, लेकिन ईरानी नौसेना ने उकसाने के लिए उनके चारों तरफ खतरनाक गति से आना जारी रखा। इसमें ईरानी नौसेना का एक फास्ट अटैक क्राफ्ट अमेरिकी जहाज से 204 फीट की दूरी पर आ गया था। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, दुश्मन देश का कोई भी जहाज किसी दूसरे जहाज के इतने पास तक नहीं जा सकता है।

यूएसएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख मरीन जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा कि आमतौर पर आईआरजीसी नेवी (ईरानी नौसेना) से जो गतिविधियां होती हैं, वे जरूरी नहीं हैं कि सुप्रीम लीडर या ईरानी राज्य से निर्देशित हों, बल्कि ये स्थानीय कमांडरों द्वारा गैर-जिम्मेदाराना हरकतें होती हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह घटना उस इलाके में हुई है जहां ईरानी नौसेना अक्सर मछली पकड़ने वाले जहाजों को परेशान करती है।