अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों की मतगणना चल रही है जिसमें बाइडेन को बढ़त मिल चुकी है और डोनाल्ड ट्रंप पिछड़ गए हैं। हालांकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप भी ज्यादा पीछे नहीं है। 538 ‘इलेक्टोरल कॉलेज सीट’ में से बाइडेन 237 और ट्रंप 210 पर जीत दर्ज कर चुके हैं/आगे चल रहे हैं. बाइडेन को बहुमत के लिए 33 इलेक्टोरल वोट की जरूरत है। बहुमत के लिए 270 का जादुई आंकड़ा जरूरी है। इलेक्टोरेल वोट की कुल संख्या 538 है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप महत्वपूर्ण 'बैटलग्राउंड' राज्यों फ्लोरिडा, नॉर्थ कैरोलाइना, ओहायो, पेनसिल्वेनिया, विस्कॉन्सिन और मिशिगन में आगे चल रहे हैं। वहीं बाइडेन अरिजोना और मिनियापोलिस में आगे चल रहे हैं। ‘बैटलग्राउंड’ उन इलाकों को कहा जाता है, जहां रुझान स्पष्ट नहीं होता। बाइडेन के अभियान दल ने फ्लोरिडा में अपने प्रदर्शन को अधिक अहमियत नहीं देने की कोशिश की, जहां 29 ‘इलेक्टोरल कॉलेज सीट’ हैं।

नतीजों के बाद दंगों की आशंका भी जताई जा रही है, जिसकी वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के लिए मशक्कत कर रहे ट्रंप ने एक ट्वीट में परिणाम को लेकर विश्वास जताते हुए लिखा, 'हम पूरे देश में वास्तव में कुछ अच्छा देख रहे हैं, शुक्रिया।'
वहीं, दोनों उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर भरोसा जताया कि जनता उन्हें दूसरा मौका जरूर देगी। ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘देशभर में हम अच्छी स्थिति में दिख रहे हैं। शुक्रिया!' ट्रंप भारी मतदान से बेहद खुश हैं और उनका मानना है कि उनकी जीत सुनिश्चित है।
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर पूरी दुनिया की निगाह है। भारत के लिए भी यह चुनाव बेहद अहम हैं, क्योंकि ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के रिश्ते काफी बेहतर रहे हैं। लिहाजा, भारत यही चाहेगा कि डोनाल्ड ट्रंप फिर से सत्ता में आएं। हालांकि, चीन और उसके जैसे अन्य देश यह कतई नहीं चाहेंगे। चीन के खिलाफ ट्रंप बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं।