अमरीका में मतदान के दो दिन बाद, सभी की निगाहें फिर से पेन्सिलवेनिया पर टिक गई हैं, जहां 20 इलेक्टोरल वोट हैं। अगर बाइडेन यह राज्य जीत जाते हैं, तो हम कह सकते हैं कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीत गए हैं। यदि ट्रंप दूसरे राज्यों के साथ इस राज्य को जीतते हैं तो ये उनकी अमेरिकी चुनाव में एक सनसनीखेज वापसी होगी। फिलहाल बाइडेन इलेक्टोरल वोट में 253-214 से ट्रंप से आगे चल रहे हैं।

बाइडेन का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। डेलावेयर के विल्मिंगटन में मंच सज कर तैयार है। उनकी ओर से एक बड़ी घोषणा का इंतजार है। ट्रंप इस बीच गुस्से में है और ये उनके ट्वीट में दिख रहा है। बार बार जीत के दावे किए जा रहे हैं। इस समय, पेन्सिलवेनिया में मतों की गिनती लगातार जारी है और ट्रंप पीछे घिसकते जा रहे हैं। बाइडेन 50 से 70 प्रतिशत की दर से मतपत्रों की गिनती में आगे हैं और अपने और ट्रंप के बीच की दूरी को बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी समय के मुताबिक, शाम 5 बजे से रात 9 बजे के बीच ट्रंप की बढ़त 90,000 वोटों से सिकुडकऱ केवल 50,000 तक रह गई और अभी भी 3 लाख से अधिक वोटों की गिनती बाकी है।

देर से हो रही गिनती में बाइडेन आगे चल रहे हैं। ये वो मतपत्र हैं जिन्हें राज्य के कानून के आधार पर चुनाव के दिन तक नहीं गिना गया था। ट्रंप ने यह दावा किया था कि मेल से मतदान करने से धोखाधड़ी होगी। उन्होंने गुरुवार को पूरा दिन अवैध मेल मतपत्रों के खिलाफ बयान दिए। ट्रंप ने 2016 में पेंसिल्वेनिया को एक प्रतिशत से भी कम अंक से जीता था। ट्रंप को दूसरा कार्यकाल जीतने के लिए एरिजोना जीतने की जरूरत है जिसे पहले से ही बाइडेन के पक्ष में माना जा रहा है। ट्रंप ने एरिजोना के फैसले की आलोचना की है, जहां दोनों के बीच अंतर लगातार कम हो रहा है। इसी तरह की स्थिति साल 2000 में देखने को मिली थी, जब फ्लोरिडा में अल गोर जीत गए थे लेकिन फिर जॉर्ज डब्ल्यू बुश की जीत का ऐलान किया गया और मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया।