अमेरिका ने 'अदृश्‍य' परमाणु बॉम्‍बर बनाया है जिसके बारे में जानकर रूस और चीन भी कांप उठे हैं। यूएस ने दुनिया के सबसे अडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को मात देने के लिए बी-21 राइडर के दो बॉम्बर्स का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस बॉम्बर को रूस के एस-400 रक्षा प्रणाली के रडार से भी पकड़ा नहीं जा सकता है। इन दोनों बॉम्बर्स की परीक्षण उड़ान के लिए दो अलग-अलग फ्लाईंग विंग को भी स्थापित किया गया है। अब जब तक बी-21 राइडर को फाइनल ऑपरेशन क्लियरेंस (FOC) नहीं मिल जाती है, तबतक बी-2 बॉम्बर्स को रिटायर करने की योजना पर विचार नहीं किया जाएगा।

बी-21 प्रोग्राम पर यह अपडेट हाउस ऑर्म्ड सर्विस कमेटी की एक दिन पहले हुई सुनवाई में में आया। यह कमेटी अमेरिकी थल सेना, वायु सेना और नौसेना के हथियारों से संबंधित समीक्षा बैठकें करता है। इस बैठक के दौरान वायु सेना अधिग्रहण, प्रौद्योगिकी और रसद के सहायक सचिव डार्लिन कॉस्टेलो ने खुलासा किया कि पहले दो बी-21 अब कैलिफोर्निया के पामडेल में प्लांट 42 में बनकर तैयार हो चुके हैं। मूल योजना में इस विमान को 2021 के अंत में पहली उड़ान भरने के लिए तैयार किया गया था। तब यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि कोरोना वायरस महामारी और फंड की कमी के कारण इस प्रोग्राम को विलंब का सामना करना पड़ेगा।

बी-21 के लिए किए गए कॉन्ट्रेक्ट के अनुसार, पहले चरण में 21 विमानों को बनाने की योजना है। दरअसल अमेरिकी एयरफोर्स बी-21 विमान को तेजी से हर पैमाने पर टेस्ट करना चाहती है। इसके लिए अधिक संख्या में विमानों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य के स्टील्थ बॉम्बर का निर्माण एक जटिल प्रयास है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारी तरफ से कोई भी कमी न रहे। कुछ महीने बाद ही बी-21 की पहली उड़ान भी आयोजित की जाएगी।

एयरफोर्स मैगजीन के साथ इंटरव्यू में वायु सेना के रैपिड कैपेबिलिटीज ऑफिस (आरसीओ) के डॉयरेक्टर रान्डेल जी वाल्डेन ने कहा कि पहला राइडर यानी बी-21 एक बॉम्बर की तरह दिखने वाला होगा। 2022 की शुरुआत में नॉर्थरोप ग्रुम्मन कॉरपोरेशन कैलिफोर्निया के पामडेला में इंजन रन, टैक्सी टेस्ट और अन्य आवश्यक ग्राउंड फैसिलिटी को विकसित कर लेगा। इसके कुछ महीने बाद ही बी-21 बॉम्बर की पहली उड़ान को आयोजित किया जाएगा। इसे कैलिफोर्निया के एडवर्ड्स एयरफोर्स बेस पर टेस्ट करने की तैयारी की जा रही है। जिसके बाद 420 वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन इस विमान को व्यापक परीक्षणों के लिए टेकओवर कर लेगा। उन्होंने यह भी बताया कि हम इस विमान को आखिरी सीमा तक टेस्ट करने की तैयारी में है। इसमें दुनिया का सबसे आधुनिक स्टील्थ फीचर होगा, जिसे दुनिया के किसी भी रेडार से पकड़ा नहीं जा सकता है। एक बार सभी टेस्ट रिजल्ट आ जाए उसके तुरंत बाद इसे बड़े पैमाने पर बनाने का ऑर्डर दे दिया जाएगा।
बी-21 बॉम्बर पारंपरिक हथियारों के अलावा परमाणु बमों के साथ भी हमला करने में सक्षम होगा। इसमें लॉकहीड मार्टिन के एवियॉनिक्स, एपेरचर्स और एफ -35 में लगे कुछ सेंसर्स का भी इस्तेमाल किया जाएगा। बी-21 बॉम्बर अपने साथ 13607 किलोग्राम तक के पेलोड को लेकर उड़ान भरने में सक्षम होगा। इसमें एक बड़ा हिस्सा इंटरनल फ्यूल का होगा। जबकि, बाकी बचा हिस्से में बम और मिसाइलें लगी होंगी। बता दें कि यह विमान अमेरिका के बी-2 स्पिरिट से आकार में छोटा और कम भार उठाने वाला होगा। हालांकि, छोटे आकार के कारण रेडार इसे आसानी से डिटेक्ट नहीं कर पाएंगे।
देखने में बी-2 स्पिरिट और बी-21 बॉम्बर लगभग एक जैसे हैं। इन दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर इनकी साइज और आधुनिकता है। बी-21 दुनिया का सबसे आधुनिक तकनीकी से लैस विमान होगा, जबकि बी-2 अब पुराना पड़ चुका है। चीन ने भी अमेरिका के बी-2 स्पिरिट की कॉपी कर एच-20 स्टील्ट बॉम्बर बना लिया है। बी-2 के डैनों की चौड़ाई 172 फीट है जबकि बी-21 के डैनों की चौड़ाई 150 फीट से भी कम होगी। बी-2 एक बार में 27215 किलोग्राम तक का भार लेकर उड़ान भर सकता है, जबकि बी-21 केलवल 13607 किलोग्राम का भार ही उठा सकेगा। हालांकि, बी-21 इतना घातक होगा कि यह एरियल रिफ्यूलिंग की मदद से पूरी दुनिया में बिना रुके कहीं भी हमला कर सकेगा।