अमरीका ने चीन के खिलाफ एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई की है। चीन पर आर्थिक और राजनीतिक वार करते हुए अमरीका ने दर्जनों चीनी कंपनियों को ट्रेड ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ब्लैकलिस्ट हुई इन कंपनियों में चिप बनाने वाली शीर्ष चीली कंपनी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉर्प (एसएमआईसी) और चीनी ड्रोन निर्माता एचजेड डीजेआई टेक्नोलॉजी लिमिटेड भी शामिल है। गौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना पद छोडऩे से पहले चीन पर कड़ा रुख अख्तियार करने वाले राष्ट्रपति के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। इसी कड़ी में वे चीन के खिलाफ बड़े निर्णय ले रहे हैं।

अमरीकी वाणिज्य विभाग के अनुसार एसएमआईसी चीन के सैन्य-नागरिक संलयन (एमसीएफ) सिद्धांत से उपजा है। चीनी सैन्य औद्योगिक परिसर में एसएमआईसी और कुछ गुप्त कंपनियों के बीच गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं। इस कारण ये कदम उठाया गया है। दुनिया की सबसे बड़ी ड्रोन निर्माता कंपनी डीजेआई को भी इस सूची में शामिल किया गया है। हालांकि, डीजेआई ने इस संबंध में तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

अमरीकी वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस का कहना है कि हम अमरीकी प्रौद्योगिकी की अनुमति प्रतिकूल सेना के निर्माण में मदद के लिए नहीं देंगे। इस वजह से एसएमआईसी को अमरीकी सरकार की काली सूची में डाला गया है।

वहीं चीन ने इसे अमरीका की दमनकारी कार्रवाई बताया है। एशिया सोसाइटी को संबोधित करते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अमरीका का कंपनियों पर यूं प्रतिबंध लगाना दमनकारी है। इस दमन को रोको। उन्होंने कहा, ब्लैकलिस्टिंग चीनी कंपनियों के अमरीकी उत्पीडऩ का सबूत है और बीजिंग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा। हम अमरीका से आग्रह करते हैं कि वह विदेशी कंपनियों के खिलाफ अपने अनुचित रवैये को रोके।