अभिनेत्री और शिवेसना नेता उर्मिला मातोंडकर ने कहा कि राजनीति की दुनिया में महिलाओं को आसानी से निशाना बनाया जाता है लेकिन उनके लिए ध्यान केंद्रित रखना जरूरी है। 

एक ऑनलाइन शो वी द वुमन में पत्रकार बरखा दत्ता से शुक्रवार रात बातचीत के दौरान शिवसेना नेता ने कहा कि राजनीति महिलाओं समेत सभी के लिए जहरीली बन चुकी है और वह इस बात को रजनीति में शामिल होने के दौरान जानती थीं। 

मातोंडकर ने कहा, मैं जानती थी कि यह मुश्किल होगा लेकिन फिल्मी करियर भी तो मुश्किल ही था।  यह एक जहरीली जगह है और यह सभी के लिए विषैली है और यहां कुछ भी आपको आश्चर्य में नहीं डालता है. महिलाएं इसका आसानी से निशाना बन जाती हैं। 

उन्होंने कहा कि राजनीति में महिलाओं के साथ भेदभाव है लेकिन उन्होंने लोगों के लिए काम करने के इरादे पर ध्यान केंद्रित रखना सीख लिया है।  मातोंडकर ने कहा कि राजनीति के जरिए लोगों के साथ जुडऩे का उनका अपना फैसला था और नकारात्मक टिप्पणियों से उन्हें फर्क नहीं पड़ता है। 

इस शो में उनके साथ तमिलनाडु की मशहूर अभिनेत्री और भाजपा नेता खुशबू सुंदर, तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहां भी थीं।  जहां बांग्ला सिनेमा की दुनिया में काम कर चुकी हैं।  सुंदर ने कहा कि उनका मानना है कि सिनेमा से ज्यादा राजनीति में पितृसत्तामक रवैया है और महिला कलाकारों के लिए इस क्षेत्र में आना मुश्किल है। 

वहीं जहां ने कहा कि जब वह राजनीति की दुनिया में आईं तो लोगों ने उनके प्रति कई तरह की धारणाएं बनाईं और इसकी पीछे उनका अभिनय की दुनिया से आना भी एक मुख्य वजह था. मातोंडकर और सुंदर ने सोशल मीडिया में ट्रोलिंग पर भी बात की। 

सुंदर ने कहा कि अब उन्होंने अपनी चमड़ी मोटी कर ली है लेकिन अब भी जब उनके परिवार को इंटरनेट पर निशाना बनाया जाता है, तो उन्हें दुख होता है. वहीं मातोंडकर ने कहा कि वह उस समय डर गयी थीं जब उनके पति, जो कश्मीरी मुस्लिम हैं को आतंकवादी और पाकिस्तानी कहा गया था।