मेघालय सरकार ने इस साल जून में हुए दंगो से प्रभावित स्थानीय सिख परिवारों को मुआवजा देने के पंजाब सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए पुनर्विचार करने की अपील की है। मेघालय के शहरी विकास मंत्री हेमेल्टसन दोहलिंग ने पंजाब सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया है। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि इस फैसले से आपस की खाई बढ़ेगी। राज्य सरकार बातचीत के जरिए मुद्दे को हल करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हम पंजाब सरकार के फैसले से खुश नहीं हैं और उससे आग में घी नहीं डालने का अनुरोध करते हैं। 

पंजाब सरकार का फैसला भ्रामक है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा जल्द ही पंजाब के मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे। बता दें कि पंजाब सरकार ने इस हफ्ते दंगा प्रभावित सिख परिवारों के लिए 60 लाख रुपए के मुआवजे को हरी झंडी दी थी। इसमें से 50 लाख रुपए खालसा मिडिल स्कूल के पुनर्निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। इस इमारत को सरकार ने असुरक्षित घोषित कर दिया है। बाकी 10 लाख की रकम उन सिख परिवारों में बांटी जाएगी, जिनकी दुकानों और ट्रकों को दंगों में नुकसान पहुंचा था।

उल्लेखनीय है कि शिलोंग के पंजाबी लेन इलाके में एक बस चालक और उसके सहयोगियों पर हमले के बाद शहर में दंगे भड़क उठे थे। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने आग में घी डालने का काम किया था। इसके बाद पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं और एक महीने से ज्यादा समय तक कर्फ्यू लागू था।