केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रभाव वाले क्षेत्रों में राज्य विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान रविवार शाम संपन्न हो गया। 

इस चरण में उत्तर प्रदेश के मध्य क्षेत्र के 12 जिलों की 69 सीटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ। इस चरण के चुनाव को राजनाथ सिंह और अखिलेश यादव का इम्तिहान माना जा रहा है क्योंकि केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पैतृक जिले इटावा और उसके आसपास के क्षेत्रों में चुनाव हुआ। 

हल्की ठंड होने के कारण मतदान केन्द्रों के सामने सुबह भीड़ कम देखी गई। हालांकि, धीरे-धीरे मतदाताओं की संख्या बढते देखी गई। कई मतदान केन्द्रों पर महिला मतदाताओं की चहल कदमी ज्यादा देखी गई। 

लखनऊ के सरोजनीनगर के एक मतदान केन्द्र पर वोट डालने आई महिला का तर्क था कि सुबह-सुबह वोट डाल देने से दिन भर के कार्यों पर कोई फर्क नहीं पड़ता। कानपुर में गोविन्दनगर क्षेत्र के एक मतदान केन्द्र पर वोटिंग शुरु होने से पहले दो गुटों में कहासुनी हुई लेकिन बात आगे बढ़ने से पहले ही विवाद को नियंत्रित कर लिया गया और मतदान पर कोई फर्क नहीं पड़ा। 

सुरक्षाकर्मी मुस्तैद दिख रहे हैं। राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार तीन मतदेय स्थलों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी की सूचना मिली थी लेकिन उसे समय रहते ठीक कर लिया गया। मतदान प्रभावित नहीं हुआ। तीसरे चरण में लोगों की सबसे अधिक निगाहें इटावा के जसवंतनगर और लखनऊ कैन्ट क्षेत्र पर है, क्योंकि इटावा की जसवंतनगर सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव और लखनऊ कैन्ट क्षेत्र से यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव चुनाव मैदान में हैं। अपर्णा के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी रीता बहुगुणा जोशी भाजपा की उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड रही हैं।

इस चरण में चुनाव लड रहे 826 प्रत्याशियों में से 14 प्रतिशत के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि 31 प्रतिशत करोड़पति हैं। इटावा विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 21 प्रत्याशी तथा बाराबंकी जिलें के हैदरगढ सीट से सबसे कम तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इसमें कुल 2.41 करोड़ मतदाता हैं। 

पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.31 करोड़ है जबकि 1.10 करोड़ महिला तथा 1,026 थर्ड जेन्डर भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए 25,603 पोलिंग बूथ बनाएं गए हैं। जिन जिलों में मतदान होना है उसमें फर्रूखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर शहर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर जिले शामिल हैं। 

तीसरे चरण का चुनाव सपा के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2012 के चुनाव में सपा ने 69 में से 55 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि बसपा के खाते में छह, भाजपा को पांच और कांग्रेस को मात्र दो सीटें जीतकर संतोष करना पड़ा। एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी। 

शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए केन्द्रीय बलों के दो लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी टी व्यंकटेश के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे से मतदान पर नजर रखी जा रही है। मतदान शाम पांच बजे तक होगा। 

प्रदेश के पांच जिलों इटावा, औरैया, मैनपुरी और कन्नौज की 19 सीटों पर सपा नहीं चाहेगी कि कोई अन्य दल अपना खाता खोल पाए। ये क्षेत्र सपा के गढ माने जाते हैं, लेकिन मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव द्वारा पार्टी के प्रति विशेष रूचि नहीं दिखाने की वजह से इन सीटों पर जीत हासिल करना सपा के लिए बड़ी चुनौती है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बसपा अध्यक्ष मायावती, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई जनसभाएं की। इस चरण में भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, मुलायम सिंह यादव ने जसवंतनगर और लखनऊ कैन्ट क्षेत्र में अपने परिजनों को जिताने की अपील की। 

इटावा विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 21 प्रत्याशी तथा बाराबंकी जिलें के हैदरगढ सीट से सबसे कम तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मुख्यमंत्री के चचेरे भाई अनुराग यादव सरोजनीनगर सीट से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। अनुराग यादव का मुख्य मुकाबला मायावती को अपशब्द कहने के आरोपी तथा भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की पत्नी भाजपा प्रत्याशी स्वाति सिंह से है। 

बाराबंकी जिलें के जैदपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस राज्यसभा सांसद पी एल पुनिया के पुत्र तनुज पुनिया पहली बार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इसके अलावा इटावा, कन्नौज, कानपुर, बाराबंकी और हरदोई जिलों की कई सीटों से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता चुनाव मैदान में हैं।

तीसरे चरण में कायमगंज(सु), अमृतपुर, फर्रुखाबाद, भोजपुर, सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ(सु), साण्डी (सु), बिलग्राम मल्लावां, बालामऊ(सु), संडीला, छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज(सु), मैनपुरी, भोगांव, किसनी(सु), करहल, जसवन्तनगर, इटावा, भरथना(सु), बिधूना, दिबियापुर, औरैया(सु), रसूलाबाद(सु), अकबरपुर रनिया, सिकन्दरा, भोगनीपुर, बिल्हौर(सु), बिठूर, कल्यानपुर, गोबिन्दनगर, सीसामऊ, आर्यनगर, किदवईनगर, कानपुर कैंट, महाराजपुर, घाटमपुर(सु), बांगरमऊ, सफीपुर(सु), मोहान(सु), उन्नाव, भगवन्तनगर, पुरवा, मलिहाबाद(सु), बख्शी का तालाब, सरोजिनी नगर, लखनऊ पश्चिमी, लखनऊ उत्तरी, लखनऊ पूर्व, लखनऊ मध्य, लखनऊ कैंट, मोहनलालगंज(सु), कुर्सी, रामनगर, बाराबंकी, जैदपुर(सु), दरियाबाद, रुदौली, महोली, सीतापुर, हरगांव (सु), लहरपुर, बिसवां, सेवता, महमूदाबाद, सिधौली(सु) और मिश्रिख(सु) क्षेत्रों में मतदान हो रहा है। इस चरण में सबसे ज्यादा मतदाता सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में 4,98,573 हैं जबकि सबसे कम कानपुर की सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में 2,72,294 हैं। 

इस चरण में महिला प्रत्याशियों की संख्या 105 है। युवा मतदाताओं की संख्या 4,10,117(18-19 वर्ष) बताई गई है। चुनाव निष्पक्ष कराने के लिए 3123 डिजिटल कैमरे, 1411 वीडियो कैमरा और 2200 वेब कास्टिंग की मदद ली जा रही है। चुनाव में 4609 माइक्रो आब्जर्वर, 837 कंपनी केन्द्रीय बलों की तैनाती की गई है। 

इनके साथ ही 9,119 पुलिस सब-इंस्पेक्टर, 3,357 मुख्य आरक्षी, 58,789 आरक्षी तथा 58,025 होमगार्ड की तैनाती की गई है। 1707 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 200 जोनल मजिस्ट्रेट तथा 271 स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी लगाए गए हैं। मतदान के लिए 30,135 ईवीएम तथा 28,167 कंट्रोल यूनिट लगाई गई हैं। 

वीवीपैट वाले क्षेत्रों में लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व, कानपुर में गोविन्द नगर तथा आर्य नगर शामिल हैं। इनमें 2549 वीवीपैट लगाए गए हैं। संवेदनशील मतदेय स्थल 3618 चिन्हित किए गए हैं जबकि इस तरह के मतदान केन्द्रों की संख्या 2566 बतायी गयी है। मतदान कार्य में 1,18,883 कर्मी लगाये गए हैं। जनरल आब्जर्वर 61, व्यय प्रेक्षकों की संख्या 16 और पुलिस आब्जर्वर की संख्या 10 बताई गई है। राज्य विधान सभा के 2012 में तृतीय चरण के जिलों में 59.96 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि 2014 में लोकसभा के चुनाव में 58.43 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।