हाल ही में यूपी के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद शहर में एक ऐसी घटना सामने आई जिसको लेकर पुलिस की किरकिरी हुई है। यहां की कोतवाली क्षेत्र में दनकौर रोड स्थित पुलिस चेक पोस्ट पर दारोगा पवन कुमार द्वारा चेकिंग के नाम पर साधु के कपड़े उतरवाने और अभद्रता करने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मामले की शिकायत ट्विटर पर होने के बाद एसएसपी ने सीओ की जांच के बाद दरोगा को सस्पेंड कर दिया।

यह भी पढ़ें : अरुणाचल के ईटानगर में मनाया गया बिहू, मुख्यमंत्री CM Pema Khandu ने किया डांस, देखें वीडियो

यहां चेकिंग के नाम पर पुलिस कर्मियों द्वारा लोगों के साथ उत्पीड़न के मामले आते रहते हैं, लेकिन दरोगा द्वारा किया गया कृत्य साधु बृहस्पति नाथ महाराज के आत्मसम्मान को ठेस लगी। जिससे साधु तीन दिनों मंदिर में गुमसुम रहे। साधु को गुमसुम देख ग्रामीणों के माथे पर भी पेशानी के बल पड़ गए। उन्होंने साधु से मामले की बाबत पूछा, तो साधु का दर्द छलक पड़ा और उन्होंने सिकंदराबाद से लौटते समय दनकौर रोड पर पुलिस चेक पोस्ट पर दरोगा पवन कुमार द्वारा किया गया कृत्य ग्रामीणों के सामने बयां किया। 

चेकिंग के नाम पर साधु के कपड़े उतरवाने और अभद्रता करने की बात ग्रामीणों को भी नागवार गुजरी और दारोगा के खिलाफ उनमें आक्रोश फैल गया। जैसे ही मामले की शिकायत यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल पर की गई। पुलिस अफसरों द्वारा दरोगा के खिलाफ की गई त्वरित कार्रवाई से साधु के चेहरे पर संतुष्टि का भाव दिखाई दिया। ग्रामीण भी डीआईजी/ एसएसपी द्वारा दरोगा पवन कुमार के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई से संतुष्ट दिखाई दिए। डीआईजी/एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि चैकिंग के नाम पर उत्पीड़न करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने सीओ को जांच सौंपकर दो घंटे में रिपोर्ट मांगी। सीओ सुरेश कुमार ने गांव पहुंच साधु से पूछताछ की और अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से दरोगा पवन कुमार को निलंबित कर दिया है।

यह भी पढ़ें : नागालैंड व असम से माता हिडिंबा से मिलने पहुंचे उनके वंशज, तय की इतनी लंबी दूरी

साधु बृहस्पति नाथ महाराज ने बताया कि शुक्रवार को सिकंदराबाद से दवाई लेकर साइकिल पर सवार होकर गांव लौट रहे थे। उसी समय दनकौर रोड स्थित चेक पोस्ट पर तैनात दरोगा और सिपाहियों ने उसे चेकिंग के नाम पर रोक प्रताड़ित किया और कमरे में ले जाकर कपड़े उतरवाए और अभद्रता की। हालांकि, मामला संज्ञान में आने पर सीओ सिकंदराबाद की जांच में दरोगा पवन कुमार दोषी पाए गए। जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।