उत्तर प्रदेश सरकार ने धर्म परिवर्तन (Religion change) के फायदे गिनाते हुए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच एसआईटी (SIT) से कराने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायर रहो रहा है, जिसमें 1985 बैच के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इफ्तिखारुद्दीन (Iftikharuddin Video) कुछ मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठे दिखे और धर्म परिवर्तन के फायदे गिना रहे वक्ता को सुन रहे थे। 

इतना ही नहीं वीडियो में आईएएस इफ्तिखारुद्दीन (Up Ias Officer Iftikharuddin) इस्लाम धर्म के प्रचार की बातें भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईएएस इफ्तिखारुद्दीन वर्तमान में यूपीएसआरटीसी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि इस वायरल वीडियो की जांच एसआईटी करेगी। प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक (सीबीसीआईडी) जीएल मीणा के नेतृत्व में एक एसआईटी बनाई है। जिसमें एडीजी भानु भास्कर भी रहेंगे। गौरतलब है कि गत सोमवार को तीन वीडियो वायरल हुए थे जिसमें कानपुर के पूर्व मंडलायुक्त वरिष्ठ आईएएस व वर्तमान में यूपीएसआरटीसी के अध्यक्ष इफ्तिखारुद्दीन कुछ मुस्लिम समाज के लोगों के साथ बैठे दिखे और धर्म परिवर्तन के फायदे गिना रहे थे। 

वीडियो जो घर दिखाई दे रहा है वह सरकारी आवास जैसा लग रहा है। इसमें एक वक्ता जमीन पर बैठे लोगों को संबोधित कर रहा है। वह कहता है कि अल्लाह ने हमें उत्तर प्रदेश के तौर पर ऐसा सेंटर दिया है, जहां से पूरे देश-दुनिया में काम कर सकते हैं। उसके बाद इफ्तिखारुद्दीन इस्लाम में होने के फायदे गिनाते हैं। वह कहते हैं-ऐलान करो दुनिया के इंसानों से कि अल्लाह की बादशाहत और निजामियत पूरी दुनिया में कायम करनी है। वायरल वीडियो में आपत्तिजनक संवाद हैं।