सरकारी योजना का लाभ उन लोगों तक पहुंचे जो वास्तव में उनके हकदार हैं। अब उत्तरप्रदेश सरकार की इस पहल के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। UP सरकार ने प्रदेश के हर जिले के जिला अधिकारी को आदेश जारी कर कहा है कि जो लोग कई सालों से सरकारी योजना के तहत मुफ्त राशन ले रहे और जिसके लिए वो आयोग्य हैं। वो अपना राशन कार्ड जिला पूर्ति कार्यालय में जमा करें। अगर वो अपना राशन कार्ड सरेंडर नही करते हैं और जांच में पकड़े जाते हैं तो उनसे अब तक लिए गए मुफ्त राशन के पैसे वसूले जाएंगे। जिसके तहत गेहूं 32 रुपये ओर चावल 24 रुपये के हिसाब से वसूल किए जाएंगे। 

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हालांकि, विपक्ष के विरोध के बाद सरकार ने यू टर्न ले लिया और उसूली की आदेश को रोक लिया है। यूपी में लोगों से खुद कार्ड सरेंडर करने की अपील की जा रही है। जिसके बाद भारी संख्या लोग अपना राशन कार्ड जमा करवाने में जुट गए हैं। अमूमन लोग कार्ड बनवाने के लिए लाइन लगाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में लोग लंबी-लंबी कतार में लग कर राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं। गाजियाबाद में अब तक 6500 लोग अपना राशन कार्ड जमा करवा चुके हैं। लोगों की भीड़ देखते हुए पूरे गाजियाबाद में 6 सेंटर भी कार्ड सरेंडर के लिए बनाए है।

ये हैं राशन कार्ड के मानक

जो लोग UP सरकार की इस कैटेगरी या मानक को पूरा करते हैं वो मुफ्त राशन के दायरे में नहीं आएंगे। यानी मुफ्त राशन लेने के लिए आयोग्य हैं। 

— परिवार का एक सदस्य आय कर भरता हो।

— शहर में तीन लाख और ग्रामीण इलाको में 2 लाख की आमदनी हो।

— अपना घर, फ्लैट और कॉमर्शियल जगह हो।

— परिवार के चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर हो।

— घर में AC और जेनरेटर हो।

— जिन लोगों के पास इतनी सभी सुविधाएं हैं, वो मुफ्त राशन के हकदार नहीं है, यानी अयोग्य हैं।

— लोगों में सरकारी कार्रवाई का डर

— ऐसे में जो भी लोग इस इस श्रेणी में आते हैं वो सुबह-सुबह ही DSO ऑफिस पहुंच कर अपना राशन कार्ड जमा कर रहे हैं। अनिल कुमार नाम के एक शख्स हैं, जिनके पास अपना मकान है, गाड़ी है, घर में AC है इसलिए अब अपना राशन कार्ड सरेंडर करने पहुंचे हैं। अब तक सरकारी योजना के तहत मुफ्त राशन का फायदा उठा रहे थे। हालाकि अब सरकार के इस पहल पर अपनी सहमति भी दे रहे हैं और उनका कहना है कि गरीबों तक मुफ्त राशन पहुंचना चाहिए।

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अनिल जैसे सैकड़ों लोग हैं जिनके पास अपना मकान है। किसी के घर AC है तो किसी के पास चार पहिया वाहन है। कुछ लोगों में डर भी है कि अगर सरेंडर नहीं किए और जांच में पकड़े गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसलिए भारी तादाद में लोग अपना राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं।