उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरने वाले का अंतिम संस्कार नगर निकाय अपने खर्चें पर करेंगे। योगी सरकार ने इस तरह के निर्देश शनिवार को मृतकों के दुखी परिजनों को राहत देने और उनकी समस्याओं को कम करने के लिये दिये हैं। प्रदेश भर के नगर निकायों में इस आदेश को लागू करवाने के लिये नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। 

वैश्विक महामारी के बीच योगी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों को कोविड से मरने वालों का निशुल्क अंतिम संस्कार कराने के निर्देश दिये है। इसका पालन कराने में जुटे नगर विकास के अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान की कठिन परिस्थितियों में समस्त नगर निगम अपने कर्तव्यों को निभाने की जरूरत है। अधिकारी मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के दौरान आ रही समस्याओं को दूर कराएं। अंतिम संस्कार की प्रकिया को निशुल्क रूप से कराते हुए कोविड प्रोटोकॉल के पालन पर भी पूरा ध्यान दें। 

अपर मुख्य सचिव ने सभी नगर आयुक्तों, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में धनराशि का व्यय स्वयं वहन करने को कहा है। साथ में उन्होंने कहा है कि अगर जरूरत पड़े तो राज्य वित्त आयोग की धनराशि से मृतकों के परिजनों को राहत देने का काम करें। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में यह व्यय एक प्रकरण में अधिकतम 5000 रुपये तक किया जाए। योगी सरकार की ओर नगर निकायों में अंतिम संस्कार के लिये अन्त्येष्टि स्थलों, कब्रिस्तान और शवदाह ग्रहों में नियमित सफाई, चूना, ब्लीचिंग पाउडर आदि का समय-समय पर छिड़काव कराते रहने के आदेश जारी किये हैं। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो इसकी भी निगरानी की जाए।