उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भले ही बिहार जैसा सियासी करिश्मा नहीं कर सकी लेकिन उसने आधा दर्जन से ज्यादा सीटों पर सपा गठबंधन के जीत का खेल जरूर बिगाड़ दिया। राज्य में मुस्लिम मतदाताओं की पहली पसंद सपा जरूर बनी है, लेकिन एआईएमआईएम उम्मीदवारों ने इतना वोट जरूर हासिल किया, जिससे कई सीटों पर बीजेपी की जीत की राह आसान बन गई है। यूपी में  एआईएमआईएम वोट कटवा पार्टी बनकर उभरी है।

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यूपी की कुल 403 विधानसभा सीटों में असदुद्दीन ओवैसी ने 100 से ज्यादा प्रत्याशी उतारे थे। एआईएमआईएम ने ज्यादातर मुस्लिम बहुल सीटों पर मुस्लिम कैंडिडेट उतार रखे थे तो कुछ सीटों पर हिंदू प्रत्याशी भी दिए थे। एआईएमआईएम को एक फीसदी से भी कम वोट मिले हैं और आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट को छोड़कर किसी भी सीट पर उसकी जमानत नहीं बच सकी है।

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हालांकि, सपा और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होने के चलते मुस्लिम बहुल सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी के कैंडिडेटों ने इतने वोट जरूर हासिल किए, जिससे बीजेपी उम्मीदवारों की जीत की राह आसान बन गई। बिजनौर, नकुड़, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, कुर्सी, जौनपुर जैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब रही। इसके अलावा कांग्रेस और बसपा से उतरे मुस्लिम कैंडिडेट ने भी कई सीटों पर सपा गठबंधन का खेल कम नहीं बिगाड़ा है।