विधानसभा चुनाव 2022 के लिए भाजपा पार्टी ने टिकटों की घोषणा की है। यह घोषणा अब हंगामें में तब्दिल होती जा रही है। टिकट के बंटवारे से कई नेता विरोध करने पर उतर आए हैं। कई नेता बगावत पर आ गए हैं, जिससे BJP दल के खेमें में जोरदार हलचल मच रही है। मेरठ की हस्तिनापुर सीट (Hastinapur seat) से कैंडिडेट बनाए गए राज्यमंत्री के खिलाफ बीजेपी विधायक ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।

बरेली (Bareilly) की भाजपा बर्फी हुई कड़वी, बरेली की बिथरी चैनपुर सीट

बरेली में पूर्व मंत्री राजेश अग्रवाल (Rajesh Aggarwal) के बेटे मनीष अग्रवाल को टिकट नहीं मिलने से नाराज मंत्री के बेटे ने सोशल मीडिया हंगामा मचा दिया है। बीजेपी के कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि उनके बेटे को टिकट जरूर मिले, लेकिन बीजेपी ने RSS के करीबी संजीव अग्रवाल (Sanjeev Agarwal) को टिकट थमा दिया है। बरेली की बिथरी चैनपुर सीट से भाजपा ने राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल को टिकट ना देकर RSS के नजदीकी डॉक्टर राघवेंद्र शर्मा को टिकट दिया है।

मेरठ (Meerut), सिवालखास सीट-

मेरठ की सिवालखास सीट (Siwalkhas seat) भी टिकटों की मार झेल रही है। भाजपा ने MLA जिंतेंद्र सतवाई को टिकट ना देकर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह (Maninderpal Singh) को टिकट सौंप दिया है। जिससे नाराज लोगों ने मनिंदरपाल के पुतले फूंक दिए हैं और बीजेपी कार्यालय पर पर धरना प्रदर्शन भी किया।

मेरठ शहर सीट (Meerut city seat-)-

प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी (Laxmikant Bajpai) की सीट फिक्स माने जानी वाली मेरठ शहर की सीट का टिकट वाजपेयी के शिष्य कमलदत्त शर्मा को सौंप दिया है। लेकिन राज्यमंत्री सुनील भराला (Sunil Bharala) को इस सीट के लिए मजबूत दावेदार थे तो मंत्री के समर्थकों का कहना है कि पार्टी का यह निर्णय ठीक नहीं हैं। जिसके चलते जेपी नड्डा के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।