भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसी मिशन में जुटी भाजपा ने संगठनात्मक ढांचा चुस्त-दुरूस्त करने के लिए संगठन मंत्री व्यवस्था में बदलाव किया है। अब क्षेत्र की जगह प्रदेश सह संगठन मंत्री नियुक्त किए गये हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देश पर किए गए इस बदलाव में हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आए कर्मवीर को प्रदेश सह संगठन महामंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपते हुए, उनका केंद्र मेरठ तय किया गया है। इसी क्रम में भवानी सिंह को प्रदेश सह संगठन महामंत्री नियुक्त करने के साथ ही उनका केंद्र वाराणसी बनाया गया है। नए फेरबदल में अवध क्षेत्र के संगठन मंत्री प्रद्युमन को केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में संगठक पद का दायित्व सौंपा गया है। काशी व गोरखपुर क्षेत्र में संगठन मंत्री रत्नाकर को बिहार में सह संगठन महामंत्री बनाकर भेजा गया है।

संघ से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। भाजपा ने यह निर्णय स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक समस्याओं के त्वारित निवारण और निर्णयों के तेजी से क्रियान्वयन को देखते हुए लिया है। सूत्रों का कहना है कि पहले प्रदेश में तीन क्षेत्रीय संगठन मंत्री की व्यवस्था थी। नई संगठनात्मक व्यवस्था में क्षेत्रीय संगठन मंत्री का पद नाम भी बदला है। माना जा रहा है कि पद नाम प्रदेश सह संगठन महामंत्री करने के साथ ही उनके अधिकार क्षेत्र को भी व्यापक किया जाएगा।

नियुक्त होने वाले लोग प्रदेश नेतृत्व को और भी प्रभावी तरीके से नीचे स्तर तक क्रियान्वित कर सकेंगे। क्षेत्र और प्रदेश के बीच संगठनात्मक समन्वय स्थापित करेंगे। नए नियुक्त हुए प्रदेश सह संगठन मंत्री सुनील बसंल के सहयोगी के रूप में काम करेंगे। क्षेत्र और प्रदेश के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश का सबसे बड़ा क्षेत्र अवध खाली है। इसमें भी किसी प्रचारक की नियुक्ति जल्द होने के संकेत हैं।