उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाकर अवैध रूप से भारत में रहे रोहिंग्या को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने कहा कि अलीगढ़ से खालिक अहमद नाम के शख्स को गिफ्तार किया है, जो अवैध तरीके से भारतीय क्षेत्र में घुसा और अलीगढ़ में रशीदीन मस्जिद में इमाम बनकर रह रहा था।

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एडीजी, एटीएस, नवीन अरोड़ा ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जब उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या नागरिकों के खिलाफ अभियान को तेज किया गया, तो वह जम्मू चला गया था। अरोड़ा ने बताया कि खालिक ने देवबंद, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के मदरसों में पढ़ाया था। एडीजी ने बताया कि जब खालिक के पहचान पत्रों की जांच की गई तो वे नकली पाए गए। बाद में, उसकी पहचान म्यांमार के एक अक्यब जिले के मूल निवासी के तौर पर हुई।

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एटीएस के अनुरोध पर विशेष न्यायालय (एटीएस/एनआईए) ने खलीक की 14 जून से 10 दिवसीय पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। रिमांड पर लेने के बाद एटीएस द्वारा उससे भारत में बसने में मदद करने वाले अन्य साथियों तथा फर्जी भारतीय दस्तावेज व परिचय पत्र बनवाने में सहयोग करने वालों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। रिमांड अवधि में उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने और दस्तावेज जुटाने के साथ ही पूछताछ मे बताए तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। मूल रूप से म्यांमार के अक्याब जिले के मांगड़ू थाना क्षेत्र स्थित वली बाजार कस्बे का निवासी खलीक वर्तमान में यूपी में अलीगढ़ जिले के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित जौहराबाग में रह रहा था।