केंद्रीय आयुष और बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को कहा कि मंत्रालय को पूरे देश में आयुष आहार को बढ़ावा देना चाहिए। सोनोवाल ने कहा कि इससे युवाओं को जंक फूड की बीमारियों से बचाने में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री नई दिल्ली के जनकपुरी में सेंट्रल काउंसिल कॉमन बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स (सीसीसीबीसी) का दौरा किया है।


यहां उन्होंने सभी पांच शोध परिषदों और दो के अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आयोग जो परिसर में स्थित हैं। आयुष मंत्रालय आयुष आधारित आहार और जीवन शैली को बढ़ावा दे रहा है और 'सुपोषित भारत' के अंतिम लक्ष्य को साकार करने के लिए पोषण अभियान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) में आयुष मंत्रालय के साथ अभिसरण ने आयुष आहार पर मसौदा दिशानिर्देश भी जारी किए हैं, जो मानकीकृत आयुष आधारित आहार की सुविधा प्रदान करेगा। बता दें कि अनुसंधान परिषद, अर्थात् केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRS), योग और प्राकृतिक चिकित्सा में अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (CCRYN), यूनानी चिकित्सा में अनुसंधान के लिए केंद्रीय परिषद (CCRUM) और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH) का मुख्यालय भवन में स्थित है।

सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन सिद्ध (CCRS) का भवन परिसर में अपना उपग्रह कार्यालय है। इसके अलावा, हाल ही में गठित नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH) के कार्यालय भवन परिसर में हैं। आज मंत्री का अनुसंधान परिषदों और राष्ट्रीय आयोगों का पहला दौरा था। अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ संवाद सत्र में केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने जमीनी स्तर तक लोगों की भागीदारी पर जोर दिया है।

आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने जोर देकर कहा कि योग्यता निर्माण सभी परिषदों की प्राथमिकता होनी चाहिए और 'हमारी शोध परिषदों को इस तरह के तौर-तरीके विकसित करने चाहिए कि इन परिषदों से जुड़ी विभिन्न इकाइयों को नवाचार करने की अधिक स्वतंत्रता मिले'।

उन्होंने NCISM पोर्टल भी लॉन्च किया, जिसका उपयोग 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों और कार्यक्रमों का विवरण एकत्र करने के लिए किया जाएगा, जो देश भर के 75000 शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ रहा है।