केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय में आज पूर्वी नागालैंड के 4 पिछड़े जिलों के 50 दूरस्थ गांवों में वितरण के लिए स्वैच्छिक एनजीओ सेवा इंटरनैशनल और यूसी बार्कले से कोविड राहत सामग्री प्राप्त की। प्राप्त कोविड राहत कंटेनर में 3 जिला अस्पतालों के लिए 10,710 परिवार स्वास्थ्य एवं हाइजीन किट, 10 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर्स, 3 पोर्टेबल स्वास्थ्य उपकरण, ऑक्सीमीटर, मेडिसिन किट और 3 टेलीफोनिक मेडिकल कंसल्टेशन डिवाइसेज शामिल हैं।

इसके अलावा, गोअंबुधा (ग्रामप्रधान) के लिए 50 हेल्थ केयर किट हैं, जिनमें ऑक्सीमीटर, ग्लूकोज मीटर, थर्मामीटर, पुनः प्रयोज्य पीपीई किट, फेसशील्ड, दस्ताने, मास्क, सैनिटाइजर, दवाएं आदि शामिल हैं। इस पूरी राहत सामग्री को समारोह में उपस्थित नागालैंड के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रिंसीपल रेजिडेंट कमिश्नर ज्योति कलश द्वारा नियुक्त स्थान पर भेजा जाएगा।

इस अवसर पर बोलते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 25 देशों से प्रवासी भारतीय सेवा इंटरनैशनल और अमेरिका के यूसी बार्कले के साथ समन्वय करके पूरे देश के लिए राहत सामग्री इकट्ठी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतवंशियों ने इस नेक मिशन के जरिए साफ संदेश दिया है कि मुश्किल समय में सारे भारतीय एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि यह सेवा संदेश नागालैंड के दूर-दराज के गांवों तक पहुंचेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह कोविड की स्थिति को लेकर नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो समेत 8 उत्तर पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि पहली लहर के दौरान नागालैंड लगभग कोरोना मुक्त था, लेकिन दूसरी लहर में अन्य उत्तर पूर्वी राज्यों समेत नागालैंड भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

हालांकि डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर संतुष्टि व्यक्त की कि महामारी की पहली लहर में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए धन और उपायों की वजह से, राज्य का स्वास्थ्य और कोविड बुनियादी ढांचा दूसरी लहर की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार था। उन्होंने सभी 8 उत्तर पूर्वी राज्यों में ऑक्सीजन संयंत्र लगाने के लिए जापान और यूएनडीपी द्वारा किए गए सहयोग का भी जिक्र किया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, अस्पताल, ऑक्सीजन संयंत्र, मोबाइल परीक्षण वैन और अन्य प्रस्ताव, जो महामारी से लड़ने से जुड़े हैं, उन्हें उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा तत्काल आधार पर सुना और निपटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह सभी 8 उत्तर पूर्वी राज्यों से कोविड की व्यापकता और महामारी से प्रभावी रूप से लड़ने के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के बारे में दैनिक रूप से अपडेट लेते हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, सेवा इंटरनैशनल के सचिव श्याम परांदे ने कहा कि 25 देशों के प्रवासी भारतीय कोविड राहत सामग्री का दान करके और देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना करके इस महामारी से लड़ाई में अपने भाई-बहनों की मदद के लिए आगे आए हैं।

रीबिल्डिंग इंडिया इनिशिएटिव और यूसी बार्कले अमेरिका से गारवुड फेलो यशराज भारद्वाज ने कहा कि वह पूरे देश में कोविड सामग्री की मांग और आपूर्ति में अंतर के अंतराल को मापने का प्रयास कर रहे हैं और इसके वितरण के लिए सेवा इंटरनैशनल के साथ काम कर रहे हैं।