झारखंड के श्रम मंत्री एवं चतरा से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक सत्यानंद भोगता ने आज कहा कि संसद में पेश किया गया आम बजट गरीब विरोधी है।


भोगता ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पौने तीन घंटे के बजट भाषण में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किस मोर्चे पर क्या तैयारियां की है, इसकी कोई चर्चा नहीं की।


उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसानों, मजदूरों, बेरोजगारों औऱ युवाओं को हताश करने वाला है। मंत्री ने कहा कि यह बजट पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर लाया गया है। बड़े उद्योगपित जो कर चोरी करते हैं, उन्हें बजट के जरिए राहत देने की कोशिश की गई है। अब उन्हें कर चोरी पकड़े जाने परे न तो ब्याज देना होगा और न ही जुर्माना लगेगा वहीं मध्यवर्ग को आयकर में मामूली राहत दी गई है।


भोगता ने कहा कि आम लोगों ने आयकर के स्लैब में जिस छूट की उम्मीद की थी, उसे बजट में दरकिनार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में ज्यादा से ज्यादा सरकारी संपत्तियों के निजीकरण किए जाने को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। यह देश के हित में शुभ संकेत नहीं है।