पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 43 साल के बाद आपातकाल की बरसी मना रही है । प्रधानमंत्री मोदी आपातकाल का सहारा लेकर अपनी सरकार की  नाकामयाबियों  को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं । 

आपातकाल की बात करके वह देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे है । गोगोई ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने घोषित आपातकाल लगाया  था , लेकिन आज पुरे देश में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है, क्योंकि सभी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है । 

किसी को अपने मन की कुछ करने की आजादी नहीं है । गोगोई ने कहा कि मोदी शासन में मर्यादाओं तथा परिपाटी का लगातार स्तर गिरता जा रहा है और यह इस सरकार का चाल, चरित्र और चेहरा बन गया है । उन्होंने कहा कि इतिहास का जिक्र करके चौपट अर्थव्यवस्था को बचाया नहीं जा सकता और ना ही देश के युवाओं के साथ किए गए वादों से बचा जा पकता है । 

उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान जनता से किए एक-एक वादों को हिसाब देना होगा । पूर्व मुख्यमंत्री गोगोई ने सोनोवाल सरकार के वित्तमंत्री के कारनामों का खुलासा करते हुए कहा कि चंद दिन पहले बहुचर्चित लुईस बर्जर घोटाले की जांच कर रही एजेसी की ओर से हिमंत को नोटिस जारी किया गया था । उस वक्त हिमंत अपने कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन बताया कि वह नहीं हैं । 

सरकार को इस मामले की जांच करनी चाहिए । उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महिलाओं का कल्याण व सभा समिति करने वाली इस सरकार mके कार्य में एक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं की स्थिति बदतर होती जा रही है । महिलाएं अपने ही राज्य में विभिन्न अत्याचार की शिकार हो रहीं है । युवा कांग्रेस नेता के बीच मरपीट की घटना को उन्होंने कमतर आंकते हुए कहा कि युवा है थोडी बहुत ऐसी घटना हो  जाती है इसमें कोई बड़ी  बात नहीं है । मालूम को कि उन्होंने इस दौरान कई प्रमुख मुद्दे को मीडिया से साझा किए।