संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की एक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि अफगानिस्तान में मुख्य रूप से पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी 15 प्रांतो में अल-कायदा की मौजूदगी है। ऐनलिटिकल सपोर्ट एंड सैंगशन्ज मानिटरिंग टीम ने यूएनएससी को सौंपी अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

रिपोर्ट को विश्व की सभी आधिकारिक भाषाओं में प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट में आईएसआईएल (दाएश), अल कायदा और उनके सहयोगियों के बारे में नवीनतम जानकारी दी है। रिपोर्ट में तालिबान समूह के साप्ताहिक समाचार पत्र थाबत के हवाले से कहा गया है कि अल-कायदा समूह अफगानिस्तान के कंधार, हेलमंड और निमरूज प्रांतो से तालिबान के संरक्षण में भारतीय उपमहाद्वीप में सक्रिय है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल फरवरी में दोहा में अमेरिका-तालिबान शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने के बावजूद अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा यहां शांति प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता तथा हालात के और बिगडऩे का खतरा है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान पर अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र की टीम ने चेतावनी दी है कि टीटीपी अलग-अलग समूहों के एकीकरण और सीमा पार हमलों में वृद्धि के साथ इस क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है। टीटीपी ने जबरन वसूली, तस्करी और करों से अपने वित्तीय संसाधनों में वृद्धि की है।