देश में बाढ़ की समस्या को दूर करने के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने नदियों को आपस में जोडऩे की बात कही। असम और अरुणाचल प्रदेश की बाढ़ का हवाला देते हुए उमा भारती ने दोनों पूर्वोत्तर राज्यों से मिडिल सियांग प्रोजेक्ट पर सहमति जताने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे दोनों राज्यों को ना सिर्फ  बाढ़ की आपदा से निजात मिलेगी बल्कि जल आपूर्ति की समस्या भी हल हो जाएगी। मिडिल सियांग पर भारती ने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट पर हामी भरने को दोनों राज्य सरकारों से बात करेंगीं।

इस प्रोजेक्ट से 9,600 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा। साथ हीए दोनों राज्यों में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी की बाढ़ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को शुरू करने में अड़चनें इसलिये आ रही हैं क्योंकि अफवाह उड़ाई गई है कि अगर बांध टूटा तो समूचा असम और अरुणाचल प्रदेश जलमग्न हो जाएंगे, लेकिन मैं लोगों से यह सुनिश्चित करना चाहती हूं कि दुनिया भर से ऐसी रिपोर्ट भी हैं कि ऐसा कोई खतरा है ही नहीं। बल्कि इस प्रोजेक्ट से बाढ़ से बचने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने संवाददाताओं को बताया कि इस साल भी इन राज्यों में बाढ़ के हालात रहे हैं। जिन राज्यों में पहले से बाढ़ आती रही है, वहां अब हालात और भी खराब हो गये हैं। ऐसा इसलिये हो रहा है क्योंकि गंगा और उसकी सहायक नदियों समेत देश की सभी नदियों में बड़े पैमाने पर गाद जमा हो गई है। इन नदियों को गादमुक्त करना बहुत जरूरी हैं। मानसून के जल का इस्तेमाल करते हुए देश की नदियों को आपस में जोडऩा बेहद जरूरी है।