यूक्रेन पर रूसी हमले लगातार जारी है। पिछले कुछ दिनों से रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन क्षेत्र पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। इस बीच पूर्वी यूक्रेन में एक महिला की तस्वीर वायरल हो रही है जो सोवियत झंडे लहराते दिख रही हैं।

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कुछ हफ्ते पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो कई बार शेयर ​किया गया था जिसमें यूक्रेन के एक गांव में एक बूढ़ी महिला सोवियत संघ के झंडे के साथ दिखती है। इनका नाम बबुश्का बताया गया है। इस वीडियो में यूक्रेन की रहने वाली बूढ़ी महिला सैनिकों को देखकर अपने घर से बाहर निकल रही है। वह लाल सोवियत झंडे के साथ उनका स्वागत करती है, यह सोचकर कि वे रूसी सैनिक हैं। उनके पास जाते हुए वह कहती है कि मेरे प्यारे प्यारे बच्चों, स्वागत है। मैंने तुम्हारे लिए प्रार्थना की और मैंने पुतिन के लिए प्रार्थना की। अच्छा हुआ कि तुम आ गए।

लेकिन वो सैनिक यूक्रेनी थे। वे हंसे और मजाक में कहा कि हां-हां। यहां आओ चाची। यह खाना लो और हमें यह लाल बैनर दे दो। बबुश्का सैनिकों से कहती है कि मुझे नहीं चाहिए। आप लोग खाओ क्योंकि आप लोगों को इसकी अधिक जरूरत है। लेकिन सैनिक उन्हें समझाते हुए खाना सौंप देते है और उनसे लाल बैनर ले लेते हैं।

दुखी होकर बबुश्का खाना वापस कर देती है और सैनिकों से झंडा वापस करने को कहती है। वीडियो में बबुश्का को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'आप उस झंडे पर अपने पैर रखते हैं जिसके तहत मेरे माता-पिता ने इस देश को आजाद कराने के लिए जर्मनों से लड़ाई लड़ी थी।

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यह वह कहानी है जो अब हर जगह बताई जा रही है। पूरे रूस, क्रीमिया, डोनबास क्षेत्र और यूक्रेन में रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों में सोशल मीडिया के जरिए फैल रही है। पूर्वी यूक्रेन में कई प्रमुख चौराहे पर लाल झंडे वाली महिला (बबुश्का) की पेंटिंग लगाई है। डोनबास पोस्ट ने द्वितीय विश्व युद्ध की वर्दी में सैनिकों की पृष्ठभूमि पर बाबुश्का के साथ एक पोस्ट कार्ड भी जारी किया है।