कीव। यूक्रेन ने कहा है कि उसने अपने पावर ग्रिड पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले को नाकाम कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये साइबर हमला रूस समर्थित हैकर्स द्वारा किया गया था। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने साइबर सुरक्षा फर्म ईएसईटी और माइक्रोसॉफ्ट के शोधकर्ताओं की मदद से इस हमले को रोक दिया। रिपोर्ट में कहा गया है, रूस हैकर्स ने मैलवेयर का इस्तेमाल किया था। पहले इसका इस्तेमाल 2016 में सैंडवॉर्म एपीटी समूह द्वारा यूक्रेन में बिजली काटने के लिए किया गया था।

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यूक्रेन की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-यूए) के अनुसार, हैकर्स ने हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, कंप्यूटर, नेटवर्क उपकरण और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने वाले सर्वर समेत कई बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल किया। सरकारी एजेंसी ने कहा, समूह ने उन कंप्यूटरों को बंद करने की योजना बनाई है जो एक खासतौर पर बिजली कंपनी से संबंधित सबस्टेशन और बुनियादी ढांचे को नियंत्रित करते हैं।

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ईएसईटी ने एक बयान में कहा, यूक्रेन एक बार फिर अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लेकर साइबर हमलों के निशाने पर है। यूक्रेन ने पिछले महीने कोर आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले को बेअसर किया था। वैश्विक इंटरनेट एक्सेस ट्रैकर नेटब्लॉक्स के अनुसार, देश की ऑनलाइन कनेक्टिविटी 13 प्रतिशत तक गिर गई। रूस द्वारा आक्रमण के बाद से यूक्रेन में सबसे ज्यादा इंटरनेट की परेशानी देखी गई है। 24 फरवरी के हमले के बाद से रूस लगातार यूक्रेन पर साइबर हमले कर रहा है।