नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को 26 फरवरी एक साल पूरा होने वाला है। इस हमले के समय लगता था कि रूस सिर्फ कुछ ही दिनों में यूक्रेन को हरा देगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब तो ये भी खबरें आ रही हैं कि यूक्रेन भी रूस पर हमला कर रहा है और कई शहरों से रूस की सेना को वापस खदेड़ दिया गया है। इन सब कार्यों में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अहम भूमिका रही है। इसके अलावा कई देशों के लोग भी यूक्रेन की मदद कर रहे हैं और इन्हीं में से एक शख्स भारत के उत्तरप्रदेश राज्य से भी है।

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यूपी का ये शख्स कर रहा मदद

आपको बता दें कि रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश के रहने वाले शख्स को सम्मानित भी ​किया गया है। यह शख्स बृजेंद्र राणा हैं जो उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले हैं। वो दवाई सप्लाई करने का काम करते हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की गुहार के बाद उन्होंने युद्ध के दौरान सैनिकों को दवाई सप्लाई करना शुरू किया। इस काम की वजह से यूक्रेन की सेना के कमांडर इन चीफ ने उन्हें 'बैज ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया है। यूक्रेन में यह एक बहुत ही प्रतिष्ठित सम्मान है विशेष अवसर पर ही केवल सेना प्रमुख ही देते हैं।

ऐसा होता है यूक्रेन का ये मेडल

आपको बता दें कि यूक्रेन के इस मेडल में कीव में बनी मदरलैंड स्टेच्यू की तस्वीर होती है। यह कलाकृति यूक्रन के इतिहास में बहुत ही खास है। इसको दूसरे विश्वयुद्ध की याद में बनवाया गया था। यह अवॉर्ड ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो सेना की मदद करता है और सेना के नियमों को ध्यान में रखते हुए युद्ध जैसी परिस्थिति में अपनी सहायता देता है। यह मेडल देने के बाद यूक्रेन के जनरल ने कहा कि बृजेंद्र का जन्म भारत में हुआ लेकिन वह यूक्रेन को अपना देश मानते हैं और मेडिकल सप्लाई के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं।

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यूक्रेन में की थी पढ़ाई

आपको जानकर हैरानी होगी यूपी के रहने वाले बृजेंद्र राणा 90 के दशक में ही यूक्रेन पढ़ाई करने के लिए गए थे। इसके बाद उन्होंने यूक्रेन में ही शादी कर ली। यूक्रेन में जब युद्ध शुरू हुआ तो उनके पास भी वहां से भागकर भारत आने का मौका था। लेकिन उन्होंने यूक्रेन में ही रुकने का फैसला किया और अब वो सैनिकों और आम लोगों को फ्री में दवाएं पहुंचा रहे हैं।