पीएचडी एडमिशन को लेकर यूजीसी  ने बड़ा फैसला लिया है. यूजीसी ने सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसके मुाबिक पीएचडी  की 60 फीसदी सीटों पर नेट  और जेआरएफ  पास कर चुके अभ्यर्थियों का दाखिला लिया जाएगा. इसके अलावा 40 फीसदी सीटों पर कंबाइन रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट  में पास होने वाले कैंडिडेट्स को एडमिशन मिलेगा. नेट और जेआरएफ परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों के लिए यह राहत भरी खबर है. अब उन्हें सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में आसानी से दाखिला मिल सकेगा. 

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेट/जेआरएफ, वह परीक्षा है जो भारतीय विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए नामांकन के लिए छात्र की योग्यता का परीक्षण करती है. संशोधित नियमों के मसौदे को यूजीसी की बैठक में मंजूरी दी गई थी. नए नियम जल्द ही यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे और सार्वजनिक कर दिए जाएंगे. नेट/जेआरएफ के माध्यम से अर्हता प्राप्त करने वालों के लिए चयन इंटरव्यू/वाइवा-वॉयस पर आधारित होगा. 

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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में सत्र 2022-23 के लिए यूजीसी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही पीएचडी पाठ्यक्रमों में नेट और जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को दाखिला दिया जाएगा. अब जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए रिसर्च की राह आसान नहीं होने वाली है. शैक्षिक सत्र 2022-23 में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) या जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी पाठ्यक्रमों की 60 प्रतिशत सीटों को आरक्षित रखा जाएगा. वहीं बाकी की 40 प्रतिशत सीटों को संयुक्त अनुसंधान प्रवेश परीक्षा (CRET) के तहत भरा जाएगा.