अंतरिक्ष में मौजूद सभी ग्रहों में मंगल एक ऐसा ग्रह है जहां पहुंचने के लिए दुनिया हर देश बेताब हैं। इर देश 'मिशन मंगल' लॉन्च कर वहां पहुंचने की जल्दबाजी में नजर आ रहा है। इस महीने तो हद ही हो गई है। दरअसल, कई देशों के यान लंबी दूरी की यात्रा कर एक साथ वहां पहुंचने वाले हैं। ऐसे में लग रहा है कि पृथ्वी की ही तरह अब मंगल पर भी जाम की स्थिति बन जाएगी।

मंगल ग्रह पर अब तक सिर्फ अमेरिका का यान ही पहुंच सका था। इस देश ने 8 बार इस कारनामे को अंजाम दिया है। नासा के दो लैंडर, इनसाइट और क्यूरियोसिटी वहीं संचालित हो रहे हैं। इन दोनों के अलावा 6 अन्य यान मंगल की कक्षा से वहां की तस्वीरें हम तक पहंचा रहे हैं, जिनमें अमेरिका से 3, यूरोपीय देशों से 2 और भारत से 1 यान शामिल हैं।
अब यूएई ने भी अपना यान वहां सफलतापूर्व लैंड करवा दिया है। माना जा रहा है कि पृथ्वी के शक्तिशाली देश अब मंगल ग्रह पर भी अपना दबदबा दिखाने के लिए आतुर हैं। फरवरी में यूएई का यान मंगल पर पहुंच चुका है, आज चीन का पहुंचेगा और 18 को नासा का।
संयुक्‍त अरब अमीरात, चीन और अमेरिका के अंतरिक्ष यान लंबी यात्रा के बाद मात्र 11 दिनों के अंदर मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाले हैं। यूएई का होप अंतरिक्ष यान करीब 7 महीने पहले लाल ग्रह मंगल के लिए रवाना हुआ था और आज मंगल की कक्षा में प्रवेश भी कर चुका है।
यूएई का होप यान करीब 120,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चक्‍कर लगा रहा है। मंगल के गुरुत्वाकर्षण बल के पकड़ में आने के लिए यूएई के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यान के इंजन को करीब 27 मिनट तक चालू रखा। यह अपने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में प्रवेश करने में सफल रहा है।

मंगल ग्रह पर 61 सालों में 58 मिशन भेजे जा चुके हैं। अब तक सबसे ज्यादा मिशन अमेरिका ने (29), फिर सोवियत संघ/रूस ने (22) और यूरोपीय संघ ने (4) भेजे हैं। वहीं, भारत, चीन और यूएई ने मंगल पर 1-1 मिशन भेजा है।