पूछताछ के नाम पर एक आरोपी पर पुलिस हिरासत में अत्याचार के मामले में दोषी ठहराते हुए कामरूप जिला सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश ने असम पुलिस के अधिकारी अअमिताभ सिन्हा को दो साल की सजा सुनाईं । अदालत ने इस सजा के साथ उन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है । फिलहाल ग्वालपाडा के पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात सिन्हा को हालांकि इस मामले में तत्काल जमानत भी मिल गई । 

गौरतलब है कि लगभग छह वर्ष पहले नगर के बेलतला में ट्रांसपोर्टर अजीत सिंह एडीआर की हत्या के आरोप में नगर पुलिस ने जम्मू से गुवाहाटी आए गुरमीत सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था । उस समय सिन्हा नगर पुलिस के क्राइम ब्रांच में तैनात थे । 

गुरमीत सिंह ने आरोप लगाया था कि सिन्हा और उनकी टीम ने पूछताछ के नाम पर उनके साथ पुलिस थाना में अमानवीय अत्याचार किया था । बाद में गुरमीत के परिजन इस मामले को लेकर अदालत में चले गए । गुरमीत पर हुए पुलिसिया अत्याचार पर पूर्वोतर के सिख संगत ने भी काफी तीखी प्रतिक्रिया जताई थी तथा इस पूरे मामले में सिख संगत गुरमीत के साथ खडी रही ।

 आज अदालत परिसर में भी सिख संगत के कई नेता और मौजूद थे। इस बीच गुरमीत तथा सिख संगत ने अदालत के फैसले को उच्च अदालत में देने की बात कही है । उन्होंने कहा  कि उनके साथ जिस तरह अन्याय हुआ है उसको देखते यह सजा पर्याप्त नहीं है । 

अधिकारी को कम से कम पांच साल की मसजा होनी चाहिए । गुरमीत  की तरफ से मामले की पैरवी कर  रहे अधिकता अनन कुमार भुयां के  अनुसार वे लोग इस मामले में अधिक सजा देने को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट में एक याचिका  दायर केरेंगे ।