केरल के अलाप्पुझा जिले में शनिवार को 12 घंटे से भी कम समय में हुई दो राजनीतिक नेताओं की हत्या  (Two Political Leaders murder) के बाद राज्य पुलिस ने राजनीतिक रैलियों और सार्वजनिक रूप से माइक के इस्तेमाल पर तीन दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य के पुलिस प्रमुख अनिल कांत (Police Chief Anil Kant) ने अपने शीर्ष अधिकारियों को विस्तृत जांच के बाद ही हाई अलर्ट पर रहने और रैलियों और माइक की घोषणा की अनुमति देने का निर्देश दिया है।

के.एस. इस्लामिक संगठन एसडीपीआई (SDPI) के शान की शनिवार को हत्या कर दी गई और कुछ घंटों बाद बीजेपी के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव रंजीत श्रीनिवासन (Ranjit Srinivasan Murder) का भी यही अंजाम हुआ। जहां रविवार को शान का अंतिम संस्कार किया गया, वहीं सोमवार को श्रीनिवासन का अंतिम संस्कार किया गया। एसडीपीआई  (SDPI) और आरएसएस/बीजेपी के कार्यकर्ता एक दूसरे पर अपराध का आरोप लगा रहे हैं।

सोमवार को डीजीपी विजय साखरे (DGP Vijay Sakhre) ने अलाप्पुझा पहुंचने के बाद कहा कि अब तक श्रीनिवासन की हत्या में 12 लोगों के शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, संख्या बढऩे की संभावना है। इस बीच पुलिस ने शान की हत्या के मामले में आरएसएस (RSS) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।विशेष पुलिस दल साजिश के कोणों को उजागर करने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, क्योंकि एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने रिकॉर्ड में कहा है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वे उच्च पदों पर हों। अनिल कांत ने पुलिस अधिकारियों से अपनी छुट्टी रद्द करने और वापस आने के लिए कहा है।अलाप्पुझा जिले के अधिकारियों ने मंगलवार को सर्वदलीय शांति बैठक बुलाई है।