काजीरंगा के पास से शुक्रवार को वन अधिकारियों ने दो शिकारियों को गिरफ्तार किया। दोनों की पहचान नूर हुसैन व मतिउर रहमान के रूप में हुई है। दोनों को काजीरंगा के पास बिश्वनाथ के मोरोक गांव से गिरफ्तार किया गया। काजीरंगा नॉर्दन रेंज फोरेस्ट अधिकारियों ने दोनों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने दोनों शिकारियों के पास से दो राइफल और 25 जिंता कारतूस बरामद किए। दोनों के पास से कुछ अन्य वस्तुएं भी मिली है।  असम पुलिस ने गुरुवार को कलियाबार कार्बी आंग्लोंग बॉर्डर के हरगांव इलाके से एक शिकारी को गिरफ्तार किया था। असम पुलिस को इलाके में शिकारियों की मौजूदगी को लेकर जानकारी मिली थी। इसी के आधार पर जाखालाबंधा पुलिस ने उसे पकडऩे के लिए इलाके में तलाशी अभियान चलाया।

सर्च ऑपरेशन के दौरान वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। हालांकि उसकी टीम के अन्य साथी इलाके से भागने में कामयाब रहे। गिरफ्तार किए गए शिकारी की पहचान जामलियांग मांग उर्फ मांगबोई के रूप में हुई है। वह मणिपुर के चुराचंदपुर का रहने वाला है। वह एक सिंग वाले गैंडों की हत्या और उनके अंगों की अवैध तस्करी में शामिल था। बताया जा रहा है कि उसने काजीरंगा नेशनल पार्क में एक सिंग वाले गैंडों का शिकार किया था। पुलिस ने उसके पास से हथियार भी बरामद किए थे। इस साल एक सिंग वाले दो गैंडों की शिकारियों ने हत्या कर दी थी। काजीरंगा नेशनल पार्क के डायरेक्टर सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि पिछले साल शिकारियों ने 18 गैंडों को मार डाला था। काजीरंगा नेशनल पार्क में 1999 में 1,552 गैंडे थे जिनकी संख्या 2015 में बढ़कर 2,401 हो गई। पिछले दस सालों में 2005 से 2015 के बीच असम में शिकारी 127 गैंडों की हत्या कर चुके हैं। बोडो उग्रवादी संगठनों से जुड़े शिकारियों ने 1980 और 1990 के दशक में करीब 100 जानवरों की हत्या कर दी थी। आपको बता दें कि गुरुवार को काजीरंगा नेशनल पार्क में फोरेस्ट गार्ड्स ने खुद की जान बचाने के लिए एक गैंडे को मार डाला था। फोरेस्ट गार्ड्स ने गैंडे पर उस वक्त फायर किया जब वह उन पर हमला करने वाला था। काजीरंगा नेशनल पार्क के अगोरातोली फोरेस्ट रेंज में तुनिकाति के नजदीक फोरेस्ट गाड्र्स रेगुलर पेट्रोलिंग कर रहे थे तभी उनके सामने एक गैंडा आ गया। तुनिकाति में एंटी पोचिंग कैंप है।
जब फोरेस्ट गार्ड्स को कोई अन्य विकल्प नहीं सुझा तो उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए गैंडे पर फायर कर दिया। फायरिंग में घायल हुए गैंडे की गुरुवार को मौत हो गई। वरिष्ठ वन अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। काजीरंगा नेशनल पार्क की डीएफओ रोहिणी बल्लव सैकिया ने कहा,हमने घटना की जांच का आदेश दिया है। जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि पेट्रोलिंग कर रहे फोरेस्ट गार्ड्स के सामने एक गैंडा आ गया था,जो उन पर हमला करने वाला था। जब उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा तो उन्होंने आत्मरक्षा में फायरिंग कर दी। इसमें गैंडा गभीर रूप से घायल हो गया। तुरंत पशु चिकित्सक घटनास्थल पर पहुंचे और घायल गैंडे का इलाज शुरू किया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।