असम में राज्यसभा की दो सीटों के लिए बीजेपी और उसकी सहयोगी असम गण परिषद के एक-एक उम्मीदवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। असम की ये सीटें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के एक ही अन्य सदस्य एस कुजूर का अगले महीने कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली होंगी।  

निर्वाचन अधिकारी अमरेंद्र डेका ने नाम वापस लेने की अवधि समाप्त होने के बाद बीजेपी के कामख्या प्रसाद तासा और असम गण परिषद के वीरेंद्र प्रसाद बैश्य को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। सिंह और कुजूर का कार्यकाल 14 जून को समाप्त हो रहा है। सूत्रों के अनुसार विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था क्योंकि विधानसभा में उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं है। 

पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने 1991 से पांच बार उच्च सदन में असम का प्रतिनिधित्व किया। 1991 में ही सिंह को पी वी नरसिंह राव सरकार में वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। वह 1998 से 2004 के बीच सदन में विपक्ष के नेता रहे और 2004 से 2014 तक दो बार सरकार का नेतृत्व किया। वह आखिरी बार 2013 में उच्च सदन के लिए चुने गए थे जब राज्य में तरुण गोगोई की कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर यहां दिसपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।