तुर्की ने भारत का गेहूं खराब बताकर लौटा दिया था, हालांकि इसने देश का नाम ही बदल लिया है। हालांकि, तुर्की द्वारा लौटाए गए गेहूं ने भारत का जो गेहूं वापस लौटाया था उसकी खेप को मिस्र भेज दिया गया है। इस समय रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से मिस्र ब्रेड की कमी से जूझ रहा है। इसी बीच बीच तुर्की ने अपना आधिकारिक नाम बदलने का फैसला किया है। इस देश का कहना है कि टर्की (इंग्लिश में) का मतलब पक्षी या मूर्ख व्यक्ति से होता है। ऐसे में इस देश के औपचारिक अनुरोध पर सहमत होने के बाद इस यूरोपीय देश को अब से संयुक्त राष्ट्र में 'तुर्किये' के नाम से जाना जाएगा।

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एक रिपोर्ट के अनुसा कैम्ब्रिज इंग्लिश डिक्शनरी में 'टर्की' की एक परिभाषा है, 'कुछ ऐसा जो बुरी तरह से विफल हो जाता है' और  "बेवकूफ या मूर्ख व्यक्ति"। पिछले सप्ताह देश द्वारा अनुरोध भेजे जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसने "जितनी जल्दी हो सके" बदलाव किया है।

पिछले साल के अंत में तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा शुरू किए गए रीब्रांडिंग अभियान के हिस्से के रूप में कई अंतरराष्ट्रीय निकायों को नाम बदलने के लिए कहा जाएगा। दिसंबर में राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कहा था कि तुर्किये शब्द तुर्की लोगों की संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व और अभिव्यक्ति वाला है।

अधिकांश तुर्की लोग पहले से ही अपने देश को तुर्किये के नाम से जानते हैं, लेकिन अंग्रेजी तुर्की का व्यापक रूप से देश के भीतर भी उपयोग किया जाता है। नए री-ब्रांडिंग में सभी निर्यात किए गए उत्पादों में मेड इन तुर्किये का लोगो होगा, जो 'हैलो तुर्किये' पर्यटन योजना के समान होगा, जिसे वर्ष की शुरुआत में लॉन्च किया गया था।

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देश का नाम चेंज किए जाने के बाद तुर्की के लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। जहां सरकारी अधिकारी इस फैसले का समर्थन करते हैं। वहीं, कई लोगों ने इसे 'अप्रभावी' करार दिया है, क्योंकि यह नाम चेंज अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले चल रहे आर्थिक संकट के बीच है।

तुर्की ने नाम चेंज को लेकर कई अन्य देशों का अनुसरण किया है। 2020 में, नीदरलैंड ने एक रीब्रांडिंग में अपने प्रसिद्ध हॉलैंड नाम को छोड़ने का फैसला किया था। जबकि इससे पहले, ग्रीस के साथ राजनीतिक विवाद के बाद मैसेडोनिया ने अपना नाम बदलकर उत्तरी मैसेडोनिया कर लिया था। 2018 में अफ्रीकी देश स्वाज़ीलैंड इस्वातिनी बन गया। वहीं, पहले ईरान को फारस कहा जाता था, थाईलैंड (Thailand) सियाम हुआ करता था और रोडेशिया को जिम्बाब्वे में बदल दिया गया था।