तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसका धार्मिक और आयुर्वेदिक दोनों महत्व है। यह पवित्र पौधा कई रोगों के उपचार में रामबाण साबित होता है। काशकर हिंदुओं के घरों में तुलसी का पौधा अवश्य मिलेगा। धार्मिक अनुष्ठान और हर प्रकार के छोटे से बड़े पूजन में तुलसी का उपयोग होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का पौधा घर में होने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। हालांकि तुलसी का पौधा कहीं भी आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना होता है यदि इन नियमों में कोई चूक होती है तो यह घर में दुर्भाग्य का कारण बन जाता है।

तुलसी पौधा के ये हैं खास नियम

घर में तुलसी का पौधा लगाने के लिए उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में साफ-सुथरे स्थान का चयन करें। ये दिशा पानी की है, जिसकी वजह से तुलसी सभी नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट करती है और घर में अच्छे और सकारात्मक ऊर्जा आती है।

तुलसी का पौधा घर में लगाने के बाद इनकी उचित देखभाल करें। यदि घर में तुलसी का पौधा सूख जाए या फिर किसी प्रकार से ​क्षतिग्रस्त हो जाए, तो परिवार के सदस्यों के लिए ये दुर्भाग्य लाता है।

कभी भी घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा नहीं लगाएं। इस दिशा को अग्नि की दिशा माना जाता है। इसलिए तुलसी का पौधा इस दिशा में लगाने से बचें।

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि कभी भी तुलसी का पौधा जमीन में न लगाएं। शुभ फल के लिए हमेशा तुलसी के पौधे को गमले में लगाना चाहिए।

तुलसी के पौधे के कई फायदे हैं और इसलिए यह आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह कैंसर, हृदय रोग, स्वस्थ त्वचा, धूम्रपान छोड़ने जैसी विभिन्न बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। इतना ही नहीं तुलसी से श्वसन संबंधी विभिन्न समस्याओं भी ठीक होती हैं।

घर में सुख और समृद्धि के लिए प्रतिदिन तुलसी का पूजन किया जाता है. तुलसी के पौधे में जल दिया जाता है। मान्यता है ​कि जिन घरों में तुलसी की सेवा होती हैं, वहां कभी भी दरिद्रता नहीं आती है।

तुलसी के पौधे को साफ जगह पर रखना चाहिए. पौधे के आसपास का क्षेत्र खुला होना चाहिए और किसी भी प्रकार का आवरण या गंदी चीजें जैसे अव्यवस्था, पोछा, झाडू आदि नहीं होना चाहिए।

वास्तु के अनुसार अच्छे प्रभाव के लिए हमेशा तुलसी के पौधों को विषम संख्या में रखें। जैसे एक, तीन या तुलसी के पांच पौधे लगाएं। यदि आप बागवानी करना पसंद करते हैं, तो तुलसी के पौधे को कैक्टस जैसे पौधों की किसी भी प्रकार की खुरदरी या कांटेदार प्रजाति के पास न रखें।

घर में तुलसी के पौधे को हमेशा ऐसे चबूतरे पर रखें, जो आपके घर के मूल आधार से काफी ऊंचा हो, क्योंकि यह वास्तु के नियमों के अनुसार अच्छा होता है। साथ ही तुलसी के पौधे के लिए घर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में कम से कम ऊंची खिड़की या बालकनी की जगह तलाशें।

घर में वास्तु के नियमों का पालन करने का सबसे अच्छा और आसान तरीका है कि तुलसी को निर्दिष्ट दिशा में लगाएं। यह आपके घर में कुछ शांतिपूर्ण तरंगे लाने में मदद करेगा और आप इस शुभ पौधे से विभिन्न स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।

तुलसी के पौधे की पत्तियां विभिन्न जीवाणु, संक्रमणों से लड़ने में मदद करती हैं। बुखार आने पर इसकी पत्तियां चाय में डालकर पीने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। घर पर तुलसी के पौधे के लिए वास्तु के सुझावों के अनुसार यह किसी भी हांनिकारक ऊर्जा या बुरी बीमारियों से लड़ सकता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा लगाने के लिए सबसे अच्छी जगह वह होती है, जहां उसे अपने विकास और लंबे जीवन के लिए पर्याप्त धूप और अन्य प्राकृतिक तत्व मिल सकें। तुलसी के पौधे की सुंदरता कई घर खरीदारों को आकर्षित कर सकती है।

तुलसी के पत्तों को तोड़ते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कभी भी तुलसी के पत्तों को नाखून की मदद से नहीं तोड़ना चाहिए। तुलसी के पत्ते हल्के हाथ से तोड़ने चाहिए।

बिना स्नान किए या बिना वजह तुलसी के पत्तों को तोड़ने से बचें। इसके साथ ही सूर्यास्त के बाद भी तुलसी के पत्तो को तोड़ने से परहेज करना चाहिए।

रविवार के दिन भी तुलसी पत्र को तोड़ने से परहेज करना चाहिए, साथ ही रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने पर पूजा का फल पूरा नहीं मिलता।