अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत को 200 मोबाइल वेंटिलेटर्स दान में देने की घोषणा की थी। जिसके बाद वेंटिलेटर्स की पहली खेप जल्द ही आने की उम्मीद है। पहली खेप में 200 में से 50 वेंटिलेटर्स भारत भेजे जाएंगे। अमेरिका के आधिकारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।


USAID की एक्टिंग डायरेक्टर रमोना एल हमजाई (Ramona El Hamzaoui) ने इस बात की पुष्टि की कि अमेरिका भारत को 50 वेंटिलेटर्स की खेप भेजने वाला है। उन्होंने ये भी कहा कि ये 200 वेंटिलेटर अमेरिका की तरफ से भारत को दोस्ती का तोहफा हैं, भारत को इसके लिए कोई कीमत नहीं चुकानी होगी। रमोना ने वेंटिलेटर्स के खराब और पुराने होने की बातों को भी खारिज किया है।


कोरोना वायरस के इस संकट भरे समय में अमेरिका ने भारत की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, "मुझे ये घोषणा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत में हमारे दोस्तों को वेंटिलेटर दान करेगा। हम इस महामारी के दौरान भारत और नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। हम वैक्सीन बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं। साथ मिलकर हम अदृश्य दुश्मन को हरा देंगे।"


अमेरिका से भारत भेजे जा रहे एक वेंटिलेटर की कीमत करीब दस लाख रुपये ($ 13,000 यानी 9.6 लाख रुपये) आंकी जा रही है। इसमें ट्रांसपोर्टेशन की लागत शामिल नहीं की गई है। कुल मिलाकर 200 वेंटिलेटर पर 2.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर (यानी करीब 20 करोड़) की कीमत आएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के सरकारी अधिकारी ने ऐसे संकेत दिए गए हैं कि वेंटिलेटर की ये खेप इस महीने के अंत या फिर जून के पहले सप्ताह (लगभग 3 हफ्ते) तक भारत में आ जाएगी।