अमेरिका ने एक बार फिर चीन के खिलाफ अपनी सख्त नीतियों को जाहिर कर दिया है।  अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (प्रतिनिधि सभा) में नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (एनडीएए) में संशोधन के पास कर दिया गया है।  

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद एमी बोरा और कांग्रेस प्रतिनिधि स्टीव शैबोट ने संशोधन पेश किया था।   संशोधन प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास तनाव को कम करने के लिए भारत और चीन को मिलकर काम करना चाहिए।  दक्षिण चीन सागर, शेनकाकू आईलैंड, एलएसी जैसे विवादित इलाकों में चीन की सेना का उग्र रवैया चिंता का विषय है। 

अमेरिकी सांसदों ने कहा कि चीन ने कोरोनावायरस का इस्तेमाल ध्यान भटकाकर भारतीय इलाकों को हथियाने के लिए किया। अमेरिकी सांसदों ने संशोधन में चीन की गलवान में की गई हरकत और दक्षिण चीन सागर में उसकी क्षेत्रीय दादागिरी की साफ तौर पर निंदा की। 

अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर ने कहा कि विवादित इलाकों में चीन की लगातार हरकतें यह बता रही हैं कि वह दक्षिण चीन सागर को लेकर 2002 में हुए समझौतों का पालन नहीं कर रहा है।  हम उम्मीद करते हैं कि चीन को अपने रास्ते बदल देने चाहिए।

 हमें निश्चित तौर पर विकल्पों के लिए भी तैयार रहना चाहिए। चीन और भारत के बीच हालात पर भी हम लगातार नजर रख रहे हैं।  एलएसी के पास क्या हो रहा है, इस पर भी हमारी नजर है. हमें खुशी है कि दोनों पक्ष मिलकर तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।