त्रिपुरा का चुनाव भाजपा और CPI (M ) के लिए नाक की लड़ाई बन चूका है। भाजपा ने त्रिपुरा में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा स्मृति ईरानी समेत कई बड़े नेता वहां चुनावी सभाएं कर चुके है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी त्रिपुरा पर फोकस जमाए हुए है और जल्द ही वहां चुनावी सभाएं करेंगे। 

अब ऐसा लगता है की त्रिपुरा का चुनाव मुख्यमंत्री माणिक सरकार बनाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो गया है।  

जब माणिक सरकार से पूछा गया कि क्या त्रिपुरा में लड़ाई पीएम बनाम सीएम है? इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं ये कह सकता हूं कि ये चुनाव उस राजनीतिक लड़ाई का ही एक स्वरूप है जो हम आरएसएस और बीजेपी से लड़ रहे हैं. इसे निजी लड़ाई के तौर पर कैसे पेश किया जा सकता है। 

माणिक सरकार ने पूरे विश्वास के साथ यही संकेत दिया कि बीजेपी की दाल त्रिपुरा में गलने वाली नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम एकजुट हैं और किसी भी ताकत को ध्रुवीकरण या हमारे राज्य को विभाजित करने की इजाजत नहीं देंगे।