त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विपल्व कुमार देव ने गुरुवार को माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की प्रसिद्ध महिला नेता और 'गणतांत्रिक नारी समिति' की संस्थापक मंगलेश्वरी देव वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया।


मंगलेश्वरी देव वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री और प्रसिद्ध आदिवासी नेता दशरथ देव की पत्नी थीं और माकपा की राज्य समिति की पूर्व सदस्य थीं। मंगलेश्वरी देव वर्मा की वृद्धावस्था जनित बीमारियों पीड़ित थी। वह 95 वर्ष की थी। उनके परिवार में दो पुत्री और एक पुत्र है।

तीन साल पहले उनके एक पुत्र की मृत्यु हो गयी थी। वन एवं आदिवासी कल्याण मंत्री मेवार कुमार जमातिया ने उनके आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देव वर्मा पचास के दशक में दशरथ देव के साथ विवाह होने के कुछ समय बाद ही पार्टी में शामिल हो गईं और अपने पति के साथ लोगों के अधिकारों के लिए लड़ी।


वह खवोई उपखंड से भी सम्मानित हुईं और उपखंड में पार्टी के आधार को मजबूत करने में मदद की। उन्हें 70 के दशक के अंत में माकपा राज्य समिति में पदोन्नत किया गया और पति की मृत्यु के बाद वह बीमार होने से पहले तक अपने पद पर बनी रहीं।

मंगलेश्वरी की मौत से पूरे राज्य में सन्नाटा छा गया है और माकपा ने फैसला किया है कि सभी कार्यालयों में पार्टी का झंडा झुका रहेगा। उनकी मौत से त्रिपुरा में कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीति और संगठन का एक युग समाप्त हो गया।