त्रिपुरा में अखिल भारतीय किसान सभा 2 से 8 अप्रैल तक एकजुटता दिवस मनाएगा। इस कार्यक्रम के मद्देनजर झारखंड राज्य किसान महासभा ने भी कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। संगठन के महासचिव सुरजीत सिन्हा ने कहा कि त्रिपुरा में आरएसएस-भाजपा की सरकार बनते ही किसानों एवं आदिवासियों पर हमले हो रहे हैं। इसके चलते राष्ट्रीय स्तर पर यह कार्यक्रम तय किया है। झारखंड इकाई भी इस कार्यक्रम को झारखंड में मनाएगी।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ विभिन्न क्षेत्रों में असफलता को लेकर 23 मई को रांची एवं दिल्ली में विरोध मार्च निकाला जाएगा।  9 अगस्त को मोदी सरकार के किसान विरोधी रूख के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति एवं किसान सभा के सदस्य जिला मुख्यालयों में हजारों की संख्या में गिरफ्तारी देंगे। यह निर्णय सभा केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक में पिछले दिनों लिया गया।

सिन्हा ने बताया कि इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह रांची में किसान संगठनों, यूनियनों, छात्र युवा, महिला एवं सामजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया है। 17 से 22 मई तक पूरे राज्य में एक रैली निकाली जाएगी। 1 अगस्त से दिल्ली में संसद के समक्ष हजारों कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।


बता दें कि त्रिपुरा में चुनाव परिणाम के नतीजे घोषित किए जाने के बाद राज्य में हिंसा का दाैरा समाप्त नहीं हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों में वाद प्रतिवाद का दौर शुरू है। गौरतलब है कि रज्य में 18  फरवरी को मतदान हुआ था, जिसके नतीजे तीन मार्च को घोषित किए। राज्य में भाजपा ने माकपा के 25 सालों के अभेद किले को भेद कर केसरिया झंडा फहराया। भाजपा ने अपने सहयोगी दल आर्इपीएफटी के साथ मिलकर 44 सीटें जीती।