राज्य के विभिन्न स्थानों पर रविवार को पुनर्मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। हालांकि इस दौरान एक बूथ पर सीआरपीएफ के जवानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने ज्यादती करने का आरोप लगाया। इस घटना को वामपंथी पार्टियों द्वारा फैलाए गए दुष्प्रचार का नतीजा बताया गया है। पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा सीट के 168 मतदान केंद्रों पर शाम पांच बजे तक मिले रूझानों के अनुसार 72.32 फ़ीसदी मतदान हुआ।


सुबह 07 बजे से शुरू होकर शाम के 05 बजे तक सभी 168 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। त्रिपुरा के मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से जारी सूचनाओं के अनुसार लोगों ने सुबह से ही लंबी-लंबी कतारों में लगकर मतदान किया। उल्लेखनीय है कि इस सीट पर मुख्य मुकाबला सीपीआई (एम) गठबंधन के वर्तमान सांसद शंकर प्रसाद दत्त तथा भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा भौमिक के बीच माना जा रहा है। इस सीट पर कुल 13 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। पश्चिम त्रिपुरा सीट पर लोकसभा चुनाव के पहले चरण के दिन 11 अप्रैल को मतदान हुआ था।


मतदान के बाद से ही वामपंथी पार्टियां तथा कांग्रेस इस सीट के 846 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान करवाने की मांग की थी। लेकिन चुनाव आयोग द्वारा क्षेत्र के 168 सीटों पर ही रविवार को पुनर्मतदान करवाया गया। हालांकि विपक्ष इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया, जिसे न्यायालय ने चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र बताते हुए खारिज कर दिया था। इस मतदान के दौरान रविवार को कुल 141251 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।