केंद्र सरकार के राज्य स्वायत्त विकास परिषद (एसएडीसी) बनाने के एक प्रस्ताव को त्रिपुरा की जनजातीय पार्टियों ने  ठुकरा दिया। त्रिपुरा की जनजातीय पार्टियां एक अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन कर रही हैं। सत्तारूढ़ वाम मोर्चा की अगुवाई करने वाली माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस व जनजातीय पार्टियों ने प्रस्ताव को अस्पष्ट बताया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसका समर्थन किया। 

प्रस्ताव को ठुकराने वालों में इंडिजीनस नेशनलिस्ट पार्टी ऑफ  त्रिपुरा (आईएनपीटी) भी शामिल है। दूसरी तरफ  जनजातीय पार्टियां जैसे इंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) व त्विपरालैंड स्टेट पार्टी (टीएसपी) ने केंद्र के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। दोनों पार्टियां त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्तशासी जिला परिषद (टीटीएएडीसी) को उन्नत कर एक अलग जनजातीय राज्य बनाने के लिए आंदोलन कर रही हैं।

प्रस्ताव को ठुकराते हुए आईपीएफटी के अध्यक्ष नरेंद्र चंद्र देबबर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान में एसएडीसी बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। भारत के किसी राज्य में इस तरह की कोई परिषद नहीं बनाई गई है। एसएडीसी बनाने का प्रस्ताव पिछड़ी जनजातियों के आंख में धूल झोंकने जैसा है।