अगरतला। त्रिपुरा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां पर एक कपल के खिलाफ कथित रुप से नवजात बच्ची को बेचने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पैसों की तंगी के चलते उन्होंने कथित रूप से बच्ची को बेच दिया। हालांकि बाद में पुलिस कर्मियों ने बच्ची को रेस्क्यू करा लिया। 

बाप ने ही बेटी और दामाद के खिलाफ केस दर्ज कराया

कपल का कहना है कि बच्ची को गोद दिया था और उन्होंने इसके बदले एक पैसा नहीं लिया। आरोपी मधाबी देबबर्मा और सुशील देबबर्मा राजधानी अगरतला से 80 किलोमीटर दूर स्थित चंपाहोवेर के नलियाबाड़ी गांव के रहने वाले हैं। मधाबी और सुशील के पहले से तीन बच्चे हैं। चौथे बच्चे का जन्म इस साल 19 जुलाई को हुआ था। हालांकि जन्म के दो दिन बाद ही बच्ची गायब हो गई। मधाबी के पिता जोगेश देबबर्मा ने खोवई जिले के चंपाहोवेर पुलिस थाने में अपनी बेटी और उसके ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 

पैसों की तंगी के चलते नहीं कर पा रहे भरण पोषण

जोगेश ने आरोप लगाया कि उन्होंने बच्ची को बेच दिया है। मधाबी को बुधवार को हिरासत में लिया गया। इसके तुरंत बाद बच्ची को रेस्क्यू कराया गया। थाना प्रभारी उत्तम देबबर्मा ने बताया कि मधाबी देबबर्मा ने हमें बताया कि परिवार आर्थिक संकट में है ऐसे में उन्हें परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कत आ रही थी, ऐसे में एक और बच्ची हो गई। ऐसे में उसका पालन पोषण करना संभव नहीं था। ऐसे में बच्ची को बिमल देबबर्मा नामक व्यक्ति को गोद दे दिया। हालांकि मां-बाप ने बच्ची को बेचे जाने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बच्ची को गोद देने के दौरान कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ। जोगेश देबबर्मा ने खोवई जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर केस वापस लेने की मांग की है।