त्रिपुरा के उग्रवादी संगठन नेशनल लिब्रेशन फ्रंट आफ त्रिपुरा के 88 सदस्य 13 अगस्त को सरकार के सामने आत्म समर्पण कर रहे हैं। इस संगठन की शुरूआत 30 साल पहले हुई थी तथा समय—समय पर उग्रवादी गतिविधियों को संचालित करता रहता था। लेकिन अब यह संगठन भारत सरकार के साथ शांति की समझौता करने जा रहा है। इसके तहत इस संगठन के 88 सदस्य एकसाथ आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

खबर है कि NLFT (SD) ने अब उग्रवाद का रास्ता छोड़कर शांति के रास्ते पर चलने का निर्णय किया। इसके साथ ही अब इसके सभी सदस्य अपने हथियारों समेत सरेंडर करने के साथ ही भारतीय संविधान को मानकर चलेंगे। इसी अलावा केंद्र सरकार की ओर से त्रिपुरा के जनजातीय इलाकों के विकास के लिए आर्थिक विकास करने की बात कही गई है।

इस संगठन के साथ गृह मंत्रालय के ज्वॉइंट सेक्रेटरी सत्येंद्र गर्ग, अतिरिक्त चीफ सेक्रेटरी कुमार आलोक, त्रिपुरा सरकार के साथ NLFT (SD) की तरफ से सबीर कुमार देबबर्मा तथा काजल देबबर्मा ने सेटलमेंट मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद इस संगठन के सदस्यों को केंद्रिय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली भी बुलाया है।