त्रिपुरा में भाजपा के गठबंधन सहयोगी इंडीजनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने राज्य की आदिवासी आबादी के सामाजिक, आर्थिक और भाषायी विकास पर गौर करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने के केंद्र के कदम का स्वागत किया है। केंद्र ने  एक अधिसूचना जारी कर 13 सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की थी। गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा के विशेष सचिव को समिति का प्रमुख बनाया गया है।


इस समिति में शामिल किये गए नौ सदस्यों में आदिवासी मामलों, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयों के संयुक्त सचिवों और नीति आयोग तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विभाग के सलाहकार शामिल हैं। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि समिति में तीन अन्य सदस्यों को राज्य सरकार की ओर से शामिल किया जाएगा।
आईपीएफटी प्रवक्ता मंगल देववर्मा ने कहा कि पार्टी को यह देखकर प्रसन्नता है कि उसका गठबंधन साझेदार अपने चुनावी वादे पर कायम है। यह पूछे जाने पर कि समिति में आईपीएफटी का कोई प्रतिनिधित्व क्यों नहीं है, देववर्मा ने कहा कि राज्य की कार्यकारी समिति की 30 सितंबर को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।