लोकसभा चुनाव के पहले चरण में कुल मिलाकर शांतिपूर्ण मतदान हुआ और त्रिपुरा में सबसे अधिक 81.8 फीसदी तथा पश्चिम बंंगाल में 81 फीसदी मत डाले गए। उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने मीडिया से बातचित के दौरान बताया कि 17वीं लोकसभा के पहले चरण के चुनाव में 18 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की दो सीटों के लिए मत डाले गए और जम्मू-कश्मीर सहित सभी क्षेत्रों में मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहे।
उन्होंने कहा कि आयोग को सभी सीटों से शाम पांच बजे तक के मतदान के आंकड़े मिल हैं। त्रिपुरा की एक सीट के लिए 81.8 फीसदी,  पश्चिम बंगाल की दो सीटों के लिए 81, जम्मू-कश्मीर की दो सीटो के लिए 54.49, सिक्किम की एक सीट के लिए 69,  मिजोरम की एक सीट के लिए 60, नागालैंड की एक सीट के लिए 78.2, असम की पांच सीटों के लिए 68, मेघालय की दो सीटों के लिए 67.61 फीसदी वोट डाले गए।

उन्होंने कहा कि कहीं से भी किसी भी तरह की बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पहले चरण के चुनाव में अब तक आचार संहिता उल्लंघन के 570 मामले सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश में छह, अरुणाचल प्रदेश में पांच, बिहार में एक और मणिपुर में एक और पश्चिम बंगाल में एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में खराबी के शिकायत मिली हैं।
मालूम हो कि लोकसभा चुनावों में इस बार लोगों की नजर बंगाल में भाजपा की नजर है, भारत-बांग्लादेश सीमा समझौते के बाद से यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है। कूचबिहार जैसे क्षेत्र में ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन भी अपनी राजनीति करती है, जो कि अपनी राजनीति करती है, जो एनआरसी के पक्ष में हैं। ग्रेटर कूचबिहार के मान्यता एवं स्वायत्तता देने की मांग कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी की इस समझौते के बाद राजनीति कैसे बदलती है।