भाजपा सरकार ने 8 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई त्रिपुरा सरकार ने की है। बिप्लब देब सरकार ने दो दिन पहले ही पश्चिमी त्रिपुरा जिले के पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अब पुलिस उपाधीक्षक समेत 8 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। बताया गया है कि राज्य सरकार ने बनुज विप्लव दास (उपाधीक्षक, पुलिस मुख्यालय) और उपाधीक्षक (जिला खुफिया ब्यूरो), देवप्रसाद राय (पश्चिमी अगरतला थाना प्रभारी), उप निरीक्षक प्रदीप आचार्य, राज्य के पूर्व मंत्री बादल चौधरी के दो व्यक्तिगत अंगरक्षक और तीन कांस्टेबल को सस्पेंड किया है।

आपको बता दें कि बादल चौधरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य हैं। इस समय वो स्थानीय अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। उन पर वाममोर्चे की सरकार में लोक कल्याण विभाग मंत्री रहते हुए 630 करोड़ रुपए के घोटाले में शामिल रहने का आरोप है। हालांकि 8 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किए जाने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस महानिदेश का कहना है कि यह सरकार का आतंरिक मामला है और वो इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे।

पश्चिमी त्रिपुरा पुलिस अधीक्षक अजीत प्रताप सिंह को भी निलंबित कर दिया गया था और बादल चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जाँच कर रहे ‘न्यू कैपिटल काम्प्लेक्स’ के सब डिविजनल पुलिस अधिकारी राजू रियांग का गुरुवार को तबादला कर दिया गया था त्रिपुरा सरकार ने तत्काल प्रभाव से दक्षिणी रेंज के उप महानिरीक्षक अरिंदम नाथ का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों के एक दल ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब से मुलाकात करते हुए सिंह के निलंबन और नाथ के तबादले को रद्द करने की मांग की थी।