त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष एवं शाही वंशज प्रद्योत किशोर देव बर्मन ने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित पीड़ितों की मदद के लिए पार्टी राहत कोष से 10 लाख रुपये दान स्वरूप दिए। बर्मन ने कहा कि पार्टी ने राज्य के विभिन्ना थानों में हिंसा पीड़ितों की और से दर्ज की गयी प्राथमिकी के लिए राज्य मुख्यालय में प्राथमिकी की प्रतियों प्राप्त करने के लिए प्रकोष्ठ खोला है और कांग्रेस उच्चतम न्यायालय में प्रत्येक परिवारों को सहायता राशि दिलाने मांग करेगी।


राज्य नागरिकों के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने में विफल रही है। बर्मन ने कहा, 'इक्कीसवी शताब्दी में मानव समाज में इस तरह की क्रूर कृत्य में कोई नहीं सोच सकता जहां राजनीतिक मतभेद के चलते नागरिकों पर इस तरह के हमले किये जाते हैं। भारत एक बहुदलीय लोकतांत्रिक देश है जो मतदाताओं को अपनी पसंद को अलग तरीके से रखने के लिए सुनिश्चित करता है, लेकिन पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में हर चुनाव के बाद पार्टी के समर्थकों को हिंसा का सामना करना पड़ा और सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।'


उन्होंने कहा चुनावी परिणाम की घोषणा के बाद अभी तक हिंसा में कम से कम तीन भारतीय जनता पार्टी समर्थकों की हत्या की गयी और लगभग 200 लोग घायल हो गये हैं। चुनाव के दौरान राजनीतिक हिंसा में 100 से अधिक लोग घायल हुए है लेकिन उनमें से कोई भी किसी भी दल का शीर्ष नेता नहीं हैं और पीड़ितों में आम आदमी ही हमेशा पिसता है।

बर्मन ने कहा चुनाव संबंधी हिंसा में सैकड़ों घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया जाता है और इसमें पुलिस की भूमिका संतोषजनक नहीं होती। उन्होंने कहा राज्य सरकार को अपराधियों के राजनीतिक संबंध पर विचार किए बिना हर घटना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और साथ ही सरकार को पीड़ितों के लिए उचित सहायता राशि की घोषणा करनी चाहिए।


उन्होंने लोगों से चुनाव के बाद हिंसा में पीड़ितों के लिए कांग्रेस राहत कोष में धन दान करने का आग्रह किया। प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष पीजुश विश्वास ने पीड़ितों के लिए एक लाख रुपये और कई अन्य लोगों ने भी सहायता राशि के रूप में कांग्रेस राहत कोष में दान दिये और दो दिनों में कोष में 15 लाख की वृद्धि हुई।